दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने नरेला स्थित सत्यवादी राजा हरीश चंद्र अस्पताल में सुरक्षा प्रदाता एजेंसी के सुरक्षा सुपरवाइजर को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने नरेला स्थित सत्यवादी राजा हरीश चंद्र अस्पताल में सुरक्षा प्रदाता एजेंसी के सुरक्षा सुपरवाइजर को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
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साथ ही शाखा ने एक अन्य सुरक्षा सुपरवाइजर और एक सुरक्षा फोरमैन को भी रिश्वत के लिए आपराधिक साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सुरक्षा फोरमैन निर्मल सिंह, सुरक्षा सुपरवाइजर रणधीर सिंह और विकास झा शामिल हैं। फिलहाल एसीबी मामले की जांच में जुटी है।
एसीबी के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि यह रिश्वत नई एजेंसी के साथ सुरक्षा गार्डों के अनुबंध के नवीनीकरण और अन्य छिपे हुए पंजीकरण शुल्क आदि के लिए दी जा रही थी। अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पीड़ित ने बताया कि वह सत्यवादी राजा हरीश चंद्र अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता है। अस्पताल में सुरक्षा के लिए एक नई एजेंसी हाई कमांड सिक्योरिटी सर्विसेज को नियुक्त किया गया था।
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नई एजेंसी के सुपरवाइजर और फोरमैन पहले से कार्यरत सुरक्षा गार्डों से नई एजेंसी के साथ उनके अनुबंध के नवीनीकरण और अन्य छिपे हुए पंजीकरण शुल्क आदि के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। इस पर एसीबी की टीम अस्पताल पहुंची। पीड़ित ने सुरक्षा फोरमैन निर्मल सिंह से मुलाकात की और दोनों रिश्वत के पैसे सुरक्षा सुपरवाइजर रणधीर सिंह और विकास झा को सौंपने के लिए द्वारका के डीडीए स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स पहुंचे, जहां विकास के कहने पर रणधीर को शिकायतकर्ता से 20 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। विकास और निर्मल को भी गिरफ्तार किया गया।