बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर लाठीचार्ज के खिलाफ सोमवार को दिल्ली में एबीवीपी के छात्रों ने शास्त्री भवन के बाहर प्रदर्शन किया।
इस दौरान जब प्रदर्शनकारियों ने शास्त्री भवन के गेटर पर चढ़कर प्रदर्शन किया तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। गौरतलब है कि दिल्ली में रविवार को भी जंतर-मंतर पर बीएचयू में हुई घटना को लेकर प्रदर्शन किया गया।
जेएनयू में भी छात्र सड़क पर उतरे। युवा कांग्रेस की तरफ से भी विरोध मार्च निकाला गया। सभी प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज की निंदा कर छात्राओं को इंसाफ दिलाने की मांग की।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने अपने हाथ में बचेगी बेटी-तभी पढ़ेगी बेटी, प्रधान सेवक शर्म करो जैसे नारे लिखे पोस्टर ले रखे थे। खुद को प्रदर्शनकारी छात्राओं को दोस्त बताते छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ नारेबाजी कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की।
उधर, जेएनयू के छात्रों ने बीएचयू कुलपति व यूपी की योगी सरकार का पुतला भी फूंका। जेएनयू के छात्र सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। वहीं, भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों ने रायसीना रोड से विरोध मार्च निकाला। हालांकि, भाजपा मुख्यालय को घेराव करने जा रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस ने रोक लिया।
आप ने भी की निंदा
आम आदमी पार्टी (आप) ने बीएचयू की छात्राओं पर लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पूरे वाकए की निंदा की है। पार्टी का कहना है कि छात्राओं की वाजिब मांगें मानने की जगह पुलिस लड़कियों पर लाठीचार्ज कर रही है। वाकया उस वक्त का है, जब देश के प्रधानमंत्री बनारस के दौरे पर थे। पार्टी ने छात्रों से अपील की कि वह इस तरह की असहिष्णु सरकार को बेदखल करने के लिए शांतिपूर्वक उचित समय का इंतजार करें।
स्वराज इंडिया ने बताया बर्बर
स्वराज इंडिया ने छात्राओं पर लाठी चार्ज को बर्बर बताया। पार्टी ने मांग की कि छेड़छाड़ के दोषियों की पहचान कर तुरंत करवाई हो और चीफ प्रॉक्टर सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए। छात्राओं को सुरक्षा दी जाए और पुलिस लाठीचार्ज के लिए छात्राओं से माफी मांगे।