-सीपीओ मैनुअल की आड़ में प्रशासन आंदोलनों का कुचलने और जुर्माना लगाने के तौर पर कर रहा इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जेएनयू इकाई ने सीपीओ मैनुअल को निरस्त करने की मांग की है। एबीवीपी का मानना है कि प्रशासन सीपीओ मैनुअल को छात्र आंदोलन को कुचलने और भारी-भरकम जुर्माने लगाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि हमारा मुख्य विरोध प्रशासन के उस तानाशाही ढांचे से है जो छात्रों को निष्कासित कर उनके अधिकारों का हनन कर रहा है। लगभग 4,83000 का जुर्माना और निष्कासन के आदेश यह दर्शाते हैं कि प्रशासन पूरी तरह विफल हो चुका है। एबीवीपी सीपीओ मैनुअल को पूरी तरह खत्म करने और निष्कासित कार्यकर्ताओं को बहाल करने की मांग पर अडिग है। एबीवीपी जेएनयू मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि न तो प्रशासन की गुंडागर्दी सहेंगे और न ही परिसर में किसी भी प्रकार की तोड़-फोड़ का समर्थन करेंगे। प्रशासन यह जान ले कि छात्रों को डराने की उसकी रणनीति अब और नहीं चलेगी। हमारा विरोध उन आदेशों के खिलाफ है जिसमें एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के निष्कासन और जुर्मानों का आदेश दिया है। सीपीओ मैनुअल जलाकर यह संदेश दे दिया है कि हम इस व्यवस्था को नहीं मानते। एबीवीपी जेएनयू के सामान्य छात्रों के लिए काम करती है। प्रशासन की इस तानाशाही के विरुद्ध अंतिम विजय तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।