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फर्जी डिग्री मामला: अंकिव बसोया का डूसू अध्यक्ष पद से इस्तीफा, संगठन से किया निलंबित

Thu, 15 Nov 2018 04:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अंकिव बसोया - फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद जीत दर्ज करने वाले डूसू अध्यक्ष अंकिव बसोया ने पद से इस्तीफा दे दिया। फर्जी डिग्री के आरोपों का सामना कर रहे अंकिव ने इस्तीफा देर शाम प्रशासन को सौंपा। एबीवीपी ने उन्हें सभी पदों से निलंबित कर संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। डीयू प्रशासन की जांच पूरी नहीं तक वह संगठन से निलंबित रहेंगे। उधर, एनएसयूआई ने एबीवीपी पर बोला हमले हुए बोलते हुए कहा कि इस मामले में एबीवीपी ने साख बचाने के लिए ऐसा किया।

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अंकिव ने तमिलनाडु के तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय की बीए की डिग्री के आधार पर डीयू के बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग में दाखिला लिया था। एनएसयूआई, आइसा और सीवाईएसएस डूसी अध्यक्ष की डिग्री फर्जी होने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग कर रहे थे, इसके मद्देनजर एबीवीपी ने बृहस्पतिवार को उन्हें अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने को कहा। इसके बाद अंकिव ने पद से इस्तीफा दे दिया। एबीवीपी के दिल्ली प्रदेश मंत्री भरत खटाना ने कहा कि छात्रों ने एबीवीपी पर विश्वास कर उन्हें अपना मत दिया। उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए एबीवीपी ने प्रशासन से इस मामले की जांच जल्द पूरी करने की मांग की है। एबीवीपी का कहना है कि यदि अंकिव दोषी पाया जाता है तो इस केस में होने वाली समस्त न्यायिक कार्यवाही की जाए। एनएसयूआई, आइसा व सीवाईएसएस जैसे छात्र संगठन अंकिव की फर्जी डिग्री को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। 

यह है मामला 
अंकिव की फर्जी डिग्री मामले ने तूल पकड़ा तो एनएसयूआई ने दावा किया कि अंकिव की डिग्री फर्जी है। इसे लेकर उन्होंने तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय के दस्तावेज भी पेश किए। बाद में तिरुवल्लुवर विवि के रजिस्ट्रार ने भी तमिलनाडु केप्रधान सचिव को पत्र लिखकर बताया था कि अंकिव उनके विश्वविद्यालय के छात्र नहीं है। इस मामले को लेकर एनएसयूआई कोर्ट भी गई। यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है और इस पर 20 को सुनवाई होनी है।
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एनएसयूआई ने प्रशासन पर बोला हमला 

Ankiv basoya - फोटो : file photo
एनएसयूआई ने कहा कि अंकिव का बसोया यह साबित करता है कि लिंगदोह के नियमों के अनुसार एबीवीपी 60 दिन के बीत जाने का इंतजार कर रहे थी। मालूम हो कि लिंगदोह नियमों के अनुसार डूसू रिजल्ट जारी होने के 60 दिन बीत जाने के बाद पद केलिए चुनाव नहीं कराया जा सकता। 

एबीवीपी की सोची समझी साजिश-सीवाईएसएस 
छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) ने अंकिव फर्जी डिग्री मामले में एबीवीपी पर हमला बोलते हुए इसे एबीवीपी की सोची समझी साजिश बताया। सीवाईएसएस के प्रदेश महासचिव हरिओम प्रभाकर ने कहा कि एबीवीपी को पहले ही पता था कि अंकिव की डिग्री फर्जी है। अब लिंगदोह कमेटी के अनुसार दो माह पूरे हो चुके हैं। अब दुबारा चुनाव प्रक्रिया होना नामुमकिन है। 
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