दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली के करोलबाग इलाके के रिज रोड से मुठभेड़ के बाद आतंकी मो. मुस्तकीम खान उर्फ अबू यूसुफ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अहम खुलासा किया कि वह आईएस में अपनी उपस्थिति ठीक से दर्ज कराना चहाता था। इसीलिए उसने तबाही का मंजर फैलाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली को चुना था।
आईएस ऐसा करवाकर अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चहाता था। अबू यूसुफ ने पूछताछ में मंगलवार को ये खुलासा किया है। आईएस की रणनीति भी शुरू से यही रही है। दूसरी तरफ अबू यूसुफ ने तबाही फैलाने के लिए जिस बाइक का इस्तेमाल करना चहाता था उस बाइक को बहुत ही सोच-समझ कर वारदात के लिए चुना है। दिल्ली पुलिस ने बरेली व यूपी में कई जगहों से ऐसे जेहादी युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है जो जेहादी की तरफ जा रहे थे या फिर अबू यूसुफ के संपर्क में थे।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि अबू यूसुफ को पाकिस्तान निवासी इंडिया के आईएस हैंडलर ने उसे निर्देश दिए थे कि वह दिल्ली में ही बम धमाके करें, ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आईएस का नाम हो और एसआई में उसकी उपस्थिति ठीक से दर्ज हो सके। उसे कहा गया था कि वह दिल्ली में तबाही का मंजर फैलाने में कामयाब हो गया तो उसे बाद में बड़े टास्क दिए जाएंगे।
आईएस ने फ्रांस की राजधानी पेरिस और बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भी इसी तरह बम धमाका करवाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी। अबू यूसुफ किसी भी कीमत पर दिल्ली में की बम धमाका करना चहाता था।
स्पेशल सेल के एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि अबू यूसुफ सीधी बलरामपुर स्थित अपने गांव से सीधा बस से लखनऊ गया। ये लखनऊ में न तो रुका और न ही किसी से मिला था। इसके बाद ये बस से लखनऊ से दिल्ली आ गया। इसके किसी साथी ने इसे बाइक दिल्ली में दी।
बाइक चोरी की है और उसके इंजन व चेसिस नंबर मिटे हुए हैं। दोनों नंबर इस तरह मिटा रखे हैं कि एक भी अक्षर नहीं दिख रहा है। पुलिस ये पता कर रही है कि बाइक कहां से चोरी हुई है। दूसरी तरफ आतंकी ने पूछताछ में ये भी बताया कि कि उसने पटाखे बेचने वाले मोबिन से पटाखे खरीद कर ही विस्फोटक एकत्रित किया था।