चुनाव आचार संहिता लगने के बाद नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार दोपहर को सीएमएस कंपनी की दो कैश वैन से 1.68 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरबीआई के नियमों का उल्लंघन और आचार संहिता के बाद चुनाव आयोग के निर्देशों के कारण यह कार्रवाई की गई है। कैश वैन चालक रुपये के स्रोत के बारे में भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं दे पाया। पुलिस की सूचना पर आयकर विभाग इसकी जांच कर रहा है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर को क्षेत्राधिकारी द्वितीय को बहलोलपुर के पास एक कैश वैन दिखाई दी जिसमें चालक व सहायक बैठा था। वैन का दरवाजा खुला था। उसमें न तो सीसीटीवी लगा था, न ही हूटर व अग्निशमन उपकरण थे। सबसे महत्वपूर्ण यह कि कोई बंदूकधारी गार्ड भी नहीं था।
यह आरबीआई के दिशा-निर्देशों का सरासर उल्लंघन था। पुलिस टीम ने मौके से कैश वैन चालक गाजियाबाद निवासी विजय कुमार और सहायक राहुल को हिरासत में ले लिया। दोनों से पूछताछ की गई तो वे कैश का स्रोत नहीं बता पाए। इसके बाद कैश व वैन को थाने लाया गया। वहां आयकर विभाग और बैंक के अधिकारियों को जानकारी दी गई। बैंक अधिकारियों ने थाने में कैश की गिनती की तो पता चला कि वैन में 1.37 करोड़ रुपये थे।
पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार
इधर, पुलिस ने सेक्टर-12, 22 चौराहे से दोपहर 2 बजे एक और सीएमएस कंपनी की कैश वैन पकड़ ली। इस वैन में 31 लाख रुपये थे। ये लोग बिशनपुर स्थित एटीएम में रकम डालने जा रहे थे। पुलिस का दावा है कि कैश वैन आरबीआई के दिशा निर्देशों के अनुसार, काफी खामियां थीं।
पुलिस ने कैश वैन को जब्त कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान चालक भूपेंद्र सिंह, कर्मचारी अविनाश व प्रेम सिंह, गनमैन केसराम और दिनेश कुमार के रूप में हुई है। ये सभी गाजियाबाद और नोएडा के रहने वाले हैं। इनके खिलाफ सिक्योरिटी एजेंसी रेगुलेशन एक्ट आदि धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि एक कैश वैन से 1.37 करोड़ व दूसरी से 31 लाख रुपये जब्त किए गए हैं। दो लोगों को हिरासत व पांच लोगाें को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच से यह स्पष्ट हुआ कि ये लोग आरबीआई व चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे। इसकी सूचना संबंधित विभागों को दी गई है।