1984 के सिख दंगा मामले में गवाह बने आर्म्स डीलर अभिषेक वर्मा का लाई डिटेक्टर टेस्ट 18 सितंबर को कराया जायेगा। सीबीआई अधिकारियों ने केस की सुनवाई के दौरान कड़कडड़ूमा अदालत के एसीएमएम अमित अरोड़ा की कोर्ट को यह जानकारी दी। मामला पुल बंगश इलाके में हुए दंगों में तीन लोगों की हत्या से जुड़ा है। एजेंसी ने कहा कि इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
सुनवाई के दौरान दंगा पीड़ितों के वकील एचएस फूलका ने कहा कि केस की जांच में देरी करके सीबीआई जगदीश टाइटलर को बचा रही है। इसलिए सीबीआई ने कनाडा उच्चायोग को पत्र लिखने में दो साल का समय लगा दिया। कोर्ट ने 4 दिसंबर 2015 को कुछ खास बातों की जांच और जानकारी का निर्देश दिया था। इसके दो साल बाद सीबीआई ने जून 2018 में कनाडा उच्चायोग को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है।
फूलका ने कहा कि कोर्ट ने उच्चायोग से होने वाली बातचीत व पत्राचार की जानकारी पीड़ित को देने का निर्देश 11 जुलाई 2016 को दिया था, ताकि जरूरी सहायता लेकर जांच में तेजी लाई जा सके। कोर्ट ने सीबीआई से पूछा कि जब शिकायतकर्ता खुद जानकारी दे रहा है तो एजेंसी क्यों नहीं ले रही है।