हथियार दलाल अभिषेक वर्मा की पॉलीग्राफ जांच दिसंबर 2018 में हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट जल्द कोर्ट में पेश की जाएगी। यह दलील बृहस्पतिवार को सीबीआई ने 1984 पुल बंगश सिख दंगा मामले में कोर्ट के समक्ष रखी। केस की अगली सुनवाई के लिए 8 मार्च की तारीख तय की गई है।
कड़कड़डूमा जिला अदालत के एसीएमएम अमित अरोड़ा के समक्ष सीबीआई के वकील ने कहा कि अभिषेक वर्मा की पॉलीग्राफ जांच 18-20 दिसंबर की अवधि में हो चुकी है। यह जांच करने वाले वैज्ञानिक के उपलब्ध न होने कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई है। इसलिए रिपोर्ट पेश करने के लिए मोहलत दी जाए।
कोर्ट के समक्ष सीबीआई ने यह भी कहा कि केस से जुड़े गवाहों से संपर्क के लिए कनाडा उच्चायोग से संपर्क किया गया था, ताकि इस संबंध में बयान लिया जा सके। इस बाबत एजेंसी ने सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। पेश मामले में सीबीआई ने अभिषेक वर्मा के बयान के आधार पर उसका व जगदीश टाइटलर की पॉलीग्राफ जांच की अनुमति मांगी थी। टाइटलर ने इसकी अनुमति नहीं दी थी, लेकिन वर्मा ने इसकी सशर्त अनुमति प्रदान कर दी थी।