घटना कब और कहां
यह घटना 21 सितंबर की शाम को दक्षिण दिल्ली के 142 एकड़ में फैले विशाल आस्था कुंज पार्क की है। पीड़िता और उसका 17 वर्षीय दोस्त कालकाजी मंदिर में पूजा करने के बाद पार्क में गए थे और वहां एक बेंच पर बैठकर चिप्स खा रहे थे। तभी वहां तीन संदिग्ध युवक पहुंचे। आरोपियों ने उनसे कहा कि तुम लोग इस समय यहां क्यों आए हो? यहां आना मना है। इसके बाद उन्होंने जबरन दोनों को अलग कर दिया और पार्क के अलग-अलग हिस्सों में ले गए।
चाकू के बल पर दिया घिनौनी वारदात को अंजाम
बयान के मुताबिक, जब डरी-सहमी किशोरी ने उन्हें अलग न करने की गुहार लगाई और कहा कि अगर कोई बात है तो उसकी मां से बात कर लें, तो एक आरोपी ने कहा, 'आसिफ भाई, गन निकाल।' आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए और किशोरी को एक सुनसान कोने में ले गए, जहां उसे चाकुओं से डराया गया।
गर्दन पर चाकू रख की दरिंदगी
पीड़िता के अनुसार, मुख्य आरोपी आसिफ ने उसके कपड़े उतारे, उसे एक लाल बेंच पर लिटाया और दूसरे आरोपी हेमू को पहरा देने के लिए कहा। पीड़िता ने रोते हुए पुलिस को बताया कि वह (आसिफ) मेरी गर्दन पर चाकू रखकर दुष्कर्म कर रहा था। मैं रो रही थी, मुझे बहुत दर्द हो रहा था। इसके बाद आरोपी हेमू उसे दूसरी बेंच पर ले गया और चाकू के बल पर उसका यौन शोषण किया। तीसरे आरोपी, जिसकी पहचान दीपु के रूप में हुई है, उसने भी चाकू की नोक पर पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न किया।
धमकी देकर लौटाए फोन और फिर की पुलिस कॉल
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को उसके अंतःवस्त्रों को छोड़कर बाकी कपड़े पहनने को दिए। जाते-जाते उन्होंने धमकी दी कि अगर किसी को भी इस बारे में बताया, तो वे दोनों को जान से मार देंगे। इसके बाद आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन वापस लौटा दिए और उन्हें पार्क से बाहर ले आए। पार्क से बाहर आने के बाद डरी-सहमी पीड़िता ने अपने दोस्त को पूरी बात बताई, जिसके बाद तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर उठे सवाल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रात करीब 8:45 बजे पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसके बाद पुलिस टीम आस्था कुंज पार्क के गेट नंबर-7 के पास पहुंची। पीड़िता ने फोरेंसिक साइंस टीम और क्राइम टीम को उस जगह की शिनाख्त कराई जहां वारदात हुई थी। पुलिस ने मौके से कंडोम और अन्य जैविक साक्ष्य बरामद किए हैं, जिन्हें डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है।
गिरफ्तारी और एनकाउंटर
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी आसिफ घायल भी हुआ है। इस भयावह घटना के बाद 142 एकड़ में फैले आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्क के कई हिस्सों में अंधेरा, टूटी हुई चारदीवारी और कई एंट्री गेट होने के कारण अंधेरे के बाद यहाँ सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।