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आरुषि हत्याकांड : नोएडा में क्लीनिक नहीं चलाना चाहते तलवार दंपति

Sun, 15 Oct 2017 12:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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dr. rajesh and nupur talwar - फोटो : अमर उजाला
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डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार नोएडा समेत एनसीआर क्षेत्र के मशहूर दंत चिकित्सक रहे हैं। डॉ. राजेश तलवार फोर्टिस अस्पताल में दंत चिकित्सा विभाग के प्रमुख भी रहे हैं। लिहाजा, उनके पुराने मरीजों को जहां उनके जेल से बाहर आने का इंतजार है, वहीं तलवार दंपति अब नोएडा में क्लीनिक नहीं चलाना चाहते हैं।
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तलवार दंपति नोएडा के सेक्टर-27 स्थित पार्श्वनाथ प्लाजा में पारिवारिक मित्र डॉ. प्रफुल दुर्रानी और उनकी पत्नी डॉ. अनीता दुर्रानी के साथ डेंटल क्लीनिक चलाते थे। आज भी ये क्लीनिक डॉ. राजेश तलवार के नाम से ही चल रहा है।

क्लीनिक के बिल आज भी उन्हीं के नाम से आते हैं। हालांकि, अब इस क्लीनिक में डॉ. अनीता दुर्रानी के अलावा लगभग दो वर्ष से डॉ. ध्रुव आनंद और डॉ. राहुल शर्मा बैठते हैं। ये दोनों डॉक्टर भी तलवार दंपती को हत्याकांड के पहले से जानते हैं।
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हौजखास दिल्ली स्थित घर से क्लीनिक चलाने की इच्छा है

arushi talwar - फोटो : अमर उजाला
डॉ. ध्रुव आनंद ने बताया कि वह लोग अक्सर जेल में तलवार दंपति से मिलने जाते थे। इस दौरान उनसे बहुत सी बातें होती थीं। तलवार दंपति अक्सर कहते हैं कि वह नोएडा में अब क्लीनिक चलाना नहीं चाहते हैं। उन्होंने हौज खास दिल्ली स्थित घर से ही क्लीनिक जारी रखने की इच्छा पूर्व की मुलाकातों में जताई थी।

हालांकि, वह लोग चाहते हैं कि तलवार दंपती फिर से अपना क्लीनिक संभाले। जेल से बाहर निकलने के बाद इत्मीनान से इस पर चर्चा की जाएगी। फिलहाल, दोनों को सामान्य जीवन में लौटने में ही काफी वक्त लगेगा।

वहीं डॉ. राजेश तलवार के पुराने मरीज रहे राजेश आहुजा ने बताया कि तलवार दंपती का स्वभाव बहुत अच्छा था। उनके अलावा और भी बहुत से पुराने मरीज चाहते हैं कि वह जेल से बाहर आएं और जल्द अपनी सामान्य जिंदगी में वापस लौटें। पुराने मरीजों को उनका इंतजार है।
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बेटी के जन्म से ज्यादा जेल से रिहाई का करना पड़ा इंतजार

डा.राजेश तलवार - फोटो : अमर उजाला
आरुषि, डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार की इकलौती बेटी थी। मौलाना आजाद डेंटल कॉलेज में साथ पढ़ाई करने के दौरान दोनों की जान पहचान हुई थी। शादी 19 जनवरी 1989 को हुई थी। इसके पांच साल बाद 24 मई 1994 को बच्चे के लंबे इंतजार के बाद आरुषि ने घर में जन्म लिया।

15 मई 2008 की रात जब आरुषि की हत्या हुई, वह 14 वर्ष की होने वाली थी। बेटी के जन्म के लिए जहां तलवार दंपति को पांच साल तक इंतजार करना पड़ा, वहीं उसकी हत्या के आरोप से 12 अक्तूबर 2017 को बरी होने में उन्हें नौ वर्ष चार माह का लंबा इंतजार करना पड़ा।

बेटी के जन्म के लिए उन्हें जहां लगभग साढ़े पांच वर्ष इंतजार करना पड़ा, उसी की हत्या में साढ़े पांच वर्ष बाद नवंबर 2013 में सीबीआई कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
 
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