वहीं इस पर आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया, 'आर्थिक रूप से पिछड़ी सवर्ण जातियों के लिए मोदी सरकार ने 10% आरक्षण का स्वागत योग्य चुनावी जुमला छोड़ दिया है। ऐसे कई फ़ैसले राज्यों ने समय-समय पर लिये लेकिन 50% से अधिक आरक्षण पर कोर्ट ने रोक लगा दी। क्या ये फ़ैसला भी कोर्ट से रोक लगवाने के लिये एक नौटंकी है?'
संजय सिंह ने आगे लिखा, '10% आरक्षण बढ़ाने के लिये संविधान संशोधन करना होगा। सरकार विशेष सत्र बुलाये हम सरकार का साथ देंगे वरना ये फ़ैसला चुनावी जुमला मात्र साबित होगा।'
इस तरह के ट्वीट्स से साफ होता है कि आम आदमी पार्टी मोदी कैबिनेट के इस फैसले को मात्र चुनावी जुमला मानती है। वह मान रही है कि अगर सरकार को ऐसा कुछ करना था तो संसद सत्र के शुरुआत में ही कर देना चाहिए था, सत्र के अंत में इसे लाकर सिर्फ जुमलेबाजी की जा रही है।