आम आदमी पार्टी को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस ने बेशक समर्थन देने का ऐलान किया है, लेकिन पार्टी फिलहाल अपने मुद्दों से पीछे हटती नहीं दिख रही है।
यही वजह रही कि उपराज्यपाल को सौंपी गई सरकार बनाने के दावे की चिट्ठी में कांग्रेस का जिक्र तक नहीं है।
अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को साफ किया कि हम किसी से समर्थन नहीं ले रहे हैं। हम अल्पमत की सरकार बनाने जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि सदन में हम 28 विधायकों के साथ जाएंगे।
यह कांग्रेस और भाजपा के ऊपर है कि वह अविश्वास प्रस्ताव लाती है या नहीं। यह पहले दिन भी हो सकता है या पांच साल तक भी इसकी नौबत नहीं आ सकती है।
इसके अलावा पार्टी जिन मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ी है, उसके लिए कोई समझौता नहीं करेगी। घोषणापत्र में दिए गए समय के भीतर इसे लागू करने की कोशिश होगी। अगर कांग्रेस इससे असहमत है तो सरकार गिरा सकती है।
आप की सरकार बिजली कंपनियों की विशेष ऑडिट, जल बोर्ड के घोटालों समेत हर उस मसले की तहकीकात कराई जाएगी, जिसमें घोटाले का संदेह है।
आप नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि उपराज्यपाल को सौंपी गई चिट्ठी में हमने लिखा है कि पिछली मुलाकात में आपसे हमने समय मांगा था। इस बीच हम जनता के बीच गए और जनता ने हमें सरकार बनाने का आदेश दिया है।
इसलिए हम सरकार बनाने को तैयार हैं। उन्होंने साफ किया इसमें कहीं भी इसका जिक्र नहीं हैं कि पार्टी कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बनाने को तैयार है।