आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) का चार राज्यों पर खास फोकस होगा। इसके अलावा दूसरे राज्यों की आप की राज्य स्तरीय इकाइयों की सलाह पार्टी कुछ चुनिंदा संसदीय क्षेत्रों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी अधिकतम 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। राष्ट्रीय परिषद में हालांकि महागठबंधन के साथ जाने का कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ, लेकिन मौजूदा सरकार को हराने के लिए विपक्ष का सहयोग करने पर सहमति बनी है।
राष्ट्रीय परिषद में लिये गये फैसले की जानकारी देते हुए गोपाल राय ने कहा कि आप का फोकस दिल्ली, पंजाब, गोवा और हरियाणा के अलावा चंडीगढ़ पर भी होगा। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राज्य स्तरीय इकाइयां अपने-अपने क्षेत्रों की एक रिपोर्ट पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सामने पेश करेंगी। इसके आधार पर पीएसी फैसला करेगी कि इन राज्यों में किस-किस सीट पर प्रत्याशी उतारने हैं।
गोपाल राय ने बताया कि पार्टी मौजूदा केंद्र सरकार को हराने के लिए अपने स्तर पर पूरी ताकत से लोकसभा चुनाव लड़ेगी। वहीं, इसके लिए दूसरे को जो भी सहयोग चाहिए होगा, पार्टी उसे देने को तैयार रहेगी। हालांकि, गोपाल राय ने सीधे तौर पर महागठबंधन के बारे में बात नहीं की। उन्होंने बताया कि परिषद की बैठक में 20 राज्यों की प्रतिनिधि आए। इसमें राज्यसभा से सभी सांसद, पार्षद, पदाधिकारी शामिल हुए।
आप की राष्ट्रीय परिषद में पारित प्रस्ताव
. किसानों के मुद्दे के सहारे पार्टी अपने लोक सभा चुनाव के अभियान को देगी धार, पार्टी प्रचार के दौरान प्रमुखता से उठायेगी खेती किसानी से जुड़े मसले।
. प्रचार के दौरान महिला सुरक्षा पर आप करेगी बात, आंकड़ों के सहारे केंद्र सरकार को घेरने की आप की कोशिश।
. भ्रष्टाचार के मसले पर आप करेगी केंद्र सरकार से सवाल। पार्टी देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाएगी अभियान।
. दिल्ली के शिक्षा, स्वास्थ्य आदि के मॉडल पर बनेगी वीडियो क्लिप, चुनाव प्रचार के दौरान देश भर में होने वाली जनसभाओं में इसे चलाया जायेगा। सोशल मीडिया पर भी चलेगा अभियान।