लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी (आप) अपनी आर्थिक हालत सुधारने के लिए फिर वोटरों से चंदा जुटाएगी। इसको लेकर शनिवार को केजरीवाल की मौजूदगी में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें 14 अक्टूबर को अभियान को शुरू करने को लेकर रणनीति बनाई गई।
पार्टी रणनीतिकारों का कहना है कि बैठक में फैसला लिया गया कि ईमानदार राजनीति के लिए सीधे आम लोगों से चंदा जुटाया जाए। इसके लिए दिल्ली सरकार के कामों को केंद्र में रखकर अभियान का खाका तैयार किया जाएगा, जिसमें बुनियादी जरूरतों की झलक होगी। कैंपेन का प्रारूप आम आदमी से जुड़ा होगा। आसानी से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए पार्टी पूरे देश में अलग-अलग माध्यम अपनाएगी। इस अभियान का हिस्सा केजरीवाल सहित पार्टी के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि होंगे जो कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्रों में जाकर लोगों से चंदा देने की अपील करेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि लोग फिर आप को आर्थिक सहयोग देने के लिए आगे आएंगे।
पार्टी का मकसद दिल्ली के विकास मॉडल को पूरे देश में पहुंचाना है। काम के नाम पर लोगों से वोट ही नहीं, चंदा भी मांगा जाएगा। आमजन को बताया जाएगा कि कॉरपोरेट घरानों के चंदे से चलने वाली पार्टियां उन्हीं के लिए काम करती हैं। दिल्ली सरकार इसलिए काम कर पा रही है, कि इसे बनाने व चलाने में आम लोगों का पैसा लगा हुआ है।
- गोपाल राय, दिल्ली प्रदेश संयोजक