दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, "इन्होंने (दिल्ली की भाजपा सरकार) सेंटर फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) को चिट्ठी लिखकर कहा कि वे जो कर रहे हैं ठीक कर रहे हैं, हम सीएक्यूएम के साथ हैं और इसी तरह प्रदूषण कम होगा। सीएक्यूएम ने कहा है कि 1 नवंबर से ईएलवी वाहनों पर बैन दिल्ली समेत गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और सोनीपत में लगेगा। इस पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इन्होंने दिल्ली और आसपास के सभी लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है।"
फिलहाल राहत
राजधानी में 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों पर लगी ईंधनबंदी फिलहाल हटा दी गई है। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की 24वीं बैठक में मंगलवार को लिया गया। ऐसे में आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरा सिस्टम या ईंधन पंप स्टेशनों पर स्थापित अन्य ऐसी प्रणालियों के माध्यम से पहचाने गए सभी समय पूरा कर चुके वाहन (ईओएल) वाहनों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत के पांच उच्च वाहन घनत्व वाले जिलों में 1 नवंबर, 2025 और शेष एनसीआर में 1 अप्रैल, 2026 से ईंधन भरने से मना कर दिया जाएगा।
वाहन जब्त भी हो सकता है
आयोग ने कहा है कि ऐसे ईओएल वाहनों के संबंध में तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आरवीएसएफ नियम, 2021 और अन्य मौजूदा प्रावधानों के अनुसार जब्त करना और आगे का निपटान करना शामिल है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार और एनसीआर राज्यों के परिवहन विभाग को (एएनपीआर) प्रणाली की उचित स्थापना और संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
परिवहन विभागों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि एएनपीआर प्रणाली का परीक्षण किया जाए और समय पर जनशक्ति का प्रशिक्षण किया जाए। वे ईंधन स्टेशनों सहित सभी हितधारकों के बीच इस निर्देश का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे और प्रभावी प्रवर्तन उपायों के माध्यम से इसका सख्त अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, ईओएल के बड़े बेड़े के परिसमापन की दिशा में सभी संबंधित एजेंसियों की तरफ से शुरू की गई समन्वित कार्रवाइयों की रिपोर्ट मासिक आधार पर आयोग को दी जाएगी।
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