दूसरी तरफ मास्टर प्लान में बदलाव व एफएआर बढ़ाने का अधिकार केंद्र के अधीन काम करने वाले डीडीए के पास है। इसके लिये केन्द्र सरकार अध्यादेश भी ला सकती है। भाजपा अगर चाहे तो एक दिन में ही सीलिंग से व्यापारियों को राहत दिला सकती है।
दूसरी तरफ दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि आज भाजपा के नेता दिल्ली के व्यापारियों में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हकीकत में इसका समाधान भाजपा शासित एमसीडी और भाजपा शासित केंद्र सरकार के पास ही है।
गोपाल राय ने चेतावनी दी कि अगर व्यापारियों को राहत नहीं मिलती तो पार्टी बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। फिलहाल 29 जनवरी को पार्टी संसद मार्च करेगी। वहीं, आगे के बड़े आंदोलन की रुपरेखा भी तैयार करेगी।