दिल्ली विधान सभा चुनाव के उलट संसदीय चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) सात में से पांच सीटों पर लोकल मैनिफेस्टो लेकर नहीं आ रही है।
पार्टी का कहना है कि संसाधन व समय की कमी की वजह से केंद्रीय स्तर पर इस दिशा में काम नहीं हो सका। इसकी जिम्मेदारी उम्मीदवारों पर डाली गई है। संभव होने पर उन्हें इसे तैयार करने का निर्देश है।
आप ने बदली रणनीति, सिर्फ दो सीटों पर लोकल मैनिफेस्टो
इस दिशा में काम करते हुए दिल्ली की सात संसदीय सीटों में से दो का लोकल मैनिफेस्टो बनाया गया है। नई दिल्ली संसदीय सीट से आशीष खेतान और उत्तर-पूर्वी सीट से आनंद कुमार ने इस पर काम किया है। दोनों उम्मीदवारों की मानें तो सोमवार को इसे जारी कर दिया जाएगा।
समय और संसाधन की कमी
नई दिल्ली सीट के मैनिफेस्टो में एक तरफ जहां आवास की किल्लत पर जोर है, वहीं साफ-सफाई, पेयजल, सीवर सिस्टम, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाओं केविस्तार का वादा किया गया है।
दूसरी तरफ उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट की अहम समस्या के तौर पर अनधिकृत कालोनियों की बुनियादी सुविधाएं, सड़क, परिवहन, ट्रैफिक, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली जैसी तमाम जरूरतों की पहचान की गई है। चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी इस दिशा में काम करेंगे।
स्थानीय मुद्दों व समस्याओं की पहचान का निर्देश
मैनिफेस्टो कमेटी से जुड़े एक पदाधिकारी के मुताबिक हमारी शुरुआती कोशिश लोकल मैनिफेस्टो तैयार करने पर थी। लेकिन लोक सभा चुनाव क्षेत्रों के विस्तार की वजह से इस पर काम नहीं किया जा सका। लेकिन प्रत्याशियों से साफ कह दिया गया है कि अपने-अपने इलाके की बड़ी समस्याओं की पहचान करें।
संभव होने पर इसे घोषणा पत्र के तौर पर जारी करें। दिल्ली केदो उम्मीदवार घोषणा पत्र तैयार करने में कामयाब रहे।