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Delhi : आप ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में किया सुंदरकांड का पाठ, राममंदिर पर राजनीति और गांधी के राम

Wed, 17 Jan 2024 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आप के राष्ट्रीय संयोजक एवं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रोहिणी के सेक्टर-11 स्थित प्राचीन बालाजी मंदिर में आयोजित सुंदरकांड पाठ में पत्नी के साथ शामिल हुए। उनके साथ राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक भी मौजूद थे। 
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पत्नी के साथ केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को एक साथ सभी विधानसभा क्षेत्रों में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। आप के राष्ट्रीय संयोजक एवं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रोहिणी के सेक्टर-11 स्थित प्राचीन बालाजी मंदिर में आयोजित सुंदरकांड पाठ में पत्नी के साथ शामिल हुए। उनके साथ राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक भी मौजूद थे। 

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पाठ के दौरान बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पंडितों के साथ विधिवत सुंदरकांड का पाठ किया और सबकी सुख-शांति व समृद्धि के साथ देश की तरक्की के लिए कामना और प्रार्थना की।

इस मौके पर केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने सबकी तरक्की और सुरक्षा के लिए प्रभु हनुमान और प्रभु राम जी से प्रार्थना की है। सभी के घर में खूब बरकत हो, सभी खुश रहें और सभी स्वस्थ रहें। दरअसल हमारा संकल्प है कि हर महीने के पहले मंगलवार को दिल्ली में जगह-जगह सुंदरकांड का पाठ करवाया जाए।
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कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने अपने विधानसभा क्षेत्र ग्रेटर कैलाश के चिराग दिल्ली गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पास सुंदरकांड के पाठ का आयोजन करवाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, यह तो भगवान हनुमान का महिमा मंडन किया जा रहा है। हमने कोई राजनीतिक मंच नहीं बनाया। न केवल राजनीतिक दलों, बल्कि सभी धर्मों के लोगों को कार्यक्रम के लिए न्योता दिया था।

विधायक सोमनाथ भारती ने मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र की न्यू मार्केट स्थित हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। आप के अन्य विधायकों ने भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया।

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा पर टिप्पणी करना बंद करे विपक्ष
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि उन्हें इस पर टिप्पणी करना और बयान देना बंद कर देना चाहिए। अयोध्या में राम मंदिर 500 साल के इंतजार के बाद बन रहा है और आगामी दिनों में देश एवं दुनिया भर से करोड़ों लोग इसके दर्शन करने आएंगे।

ठाकुर ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले भाजपा की ओर से शुरू किए गए स्वच्छता अभियान के तहत मंगलवार को कनॉट प्लेस में हनुमान मंदिर परिसर की साफ-सफाई में भाग लिया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने राम मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह को एक राजनीतिक आयोजन में बदल दिया है। इन आरोपों के बारे में सवाल किए जाने पर ठाकुर ने कहा कि कुछ लोग मंदिर के निर्माण से अब भी खुश नहीं हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं, जो मंदिर के निर्माण से दुखी हैं, कुछ लोग ऐसे हैं जो ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह से दुखी हैं और कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें राजनीति के कारण इस पर बयान देना पड़ता है। ठाकुर ने कहा कि 22 को भव्य ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के बाद राम मंदिर के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।

 

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गांधी के राम ही मेरे राम

इंसानी सभ्यता के इतिहास के सबसे सुलझी हुई शख्सियत हैं राम। बचपन में राम की कथा पढ़ी तो दिमाग में इनकी एक छवि बनी। बड़े हुए तो साहित्य से भी राम को जाना। मैं प्रयागराज की रहने वाली हूं। कुंभ मेले में भी राम को जाना।  राम की महिमा देखना भी संभव हुआ। समझ में आया कि राम से बड़ा राम का नाम है।

तभी अभिवादन नमस्कार, प्रणाम नहीं, हमारी तरफ जय सियाराम से होता है। राम खुद में ही अभिवादन बन जाते हैं।मेरे लिए रामायण में बताई गई लक्ष्मण रेखा भी खास मायने रखती है। मन का लक्ष्य पर टिक जाना, मर्यादा में रहकर उसे हासिल करने का प्रयत्न करना ही लक्ष्मण रेखा है।

यह इंसान की शख्सियत को मजबूत करता है। और लक्ष्य तक पहुंचने की मंजिल भी इससे आसान होती है।राम हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं। उनके बिना भारतीय संस्कृति की कल्पना भी संभव नहीं। वह मेरे, आपके, हम सबके जीवन का अहम हैं। गांधी का रघुपति राघव राजा राम हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। और हां, राम से लव-कुश भी जुड़ते हैं, जिनका ध्यान आते ही मन में वात्सल्य का भाव आ जाता है।

राम आदर्श पुत्र हैं, भाई, पिता, पति व मित्र भी। अपने माता-पिता के आज्ञाकारी हैं। उनके संबंधों का हर तंतु मर्यादा की कसौटी पर कसा हुआ है। राम मर्यादा पुरुष हैं। उन्होंने मर्यादा बनाई और निभाई भी है। उन्होंने हर युग के लिए संभावना के द्वार खोले हैं। तभी वह सबसे बड़े देव हैं। राम इसी रूप में मुझ प्रिय हैं।

(डॉ. बारां फारूकी, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय)
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