चुनाव आयोग की ओर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के लिए हैकॉथन की तिथियां घोषित करने के बाद भी आम आदमी पार्टी (आप) ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। पार्टी का कहना है कि तीन जून के बाद जो हैकॉथन के लिए चुनाव आयोग की ओर से निर्देश जारी हुए है उसमें कोई स्पष्टता नहीं है।
आयोग जिन नियम शर्तों के साथ हैकॉथन करा रही है उससे साफ है कि वह इससे बचना चाहते है। उनकी मांग है कि ईवीएम टेंपरिंग का मौका राजनीतिक दलों को बिना किसी पाबंदी के मिलना चाहिए। पार्टी ने यह सवाल भी पूछा कि आखिर किसके दबाव में तिथियां बदली गई है। आप का एक प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में जल्द ही चुनाव आयोग से मिलेगा।
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि हैकॉथन का मतलब होता है खुली चुनौती देकर हैक करके दिखाने के लिए कहो। उसमें कोई पाबंदी नहीं होती है। चुनाव आयोग ईवीएम मशीन देकर यह कहे आप ये नहीं छू सकते यह नहीं खोल सकते। अगर देश के 18 राजनीतिक दल ईवीएम को लेकर सवाल उठा रहे है तो चुनाव आयोग के पास लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर डामाडोल हो रहे विश्वास को बचाने का एक बड़ा मौका है। उन्होंने मांग की है कि ईवीएम टेंपरिंग का मौका चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को देना चाहता है तो उसमें कोई पाबंदी ना हो।
संजय सिंह ने कहा कि पूरे हैकॉथन को वीडियो कैमरे के सामने कराइएं। मगर हैक करने का मौका तो दीजिए। अगर चिप नहीं देखेंगे उसे पढने का मौका नहीं देंगे तो मंतर पढ़कर उसे हैक नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि ईवीएम हैक करने के 100 तरीके है उसमें से एक तरीका है मदरबोर्ड को बदलकर हैक करना। यह हमारे विधायक सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा में करके दिखाया।