फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर विवादों के घेरे में दिल्ली के मुख्य सचिव

विज्ञापन
विज्ञापन
सीएनजी घोटाले में सीबीआई जांच पूरी होने के बाद आम आदमी पार्टी एक बार फिर हमलावर हो गई है। पार्टी ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल की नीयत पर सवाल खड़ा किया है।
विज्ञापन


पार्टी का सवाल है कि सौ करोड़ रुपये के घोटाले में नाम होने के बावजूद गृह मंत्रालय ने किस आधार पर दिनेश मोहन स्पोलिया को दिल्ली का मुख्य सचिव बनाया।

पार्टी ने इस बारे में उपराज्यपाल से भी कई सवाल किए हैं। दरअसल, सीबीआई ने दिल्ली सरकार के सीएनजी फिटनेस घोटाले की पीई (प्राथमिक जांच) दर्ज की थी।

'केंद्र व एलजी रोक रहे हैं घोटाले की जांच'

सीएनजी घोटाले की जांच पूरा करने में करीब दस माह का समय लगा। पिछले दिनों इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार व उपराज्यपाल को सौंप दी है। पार्टी का कहना है कि इसमें सीबीआई ने स्पोलिया के अलावा दिल्ली सरकार के अधिकारी एबी शुक्ला (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी तथा तत्कालीन सचिव सतर्कता निदेशालय, दिल्ली सरकार) और राज शेखर (दानिक्स अधिकारी) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है।

पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल का कहना है कि सीबीआई की सिफारिश पर उपराज्यपाल व केंद्र सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। सबसे ताज्जुब की बात यह है कि शीला दीक्षित सरकार के समय के सौ करोड़ रुपये के घोटाले की जांच को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है।
विज्ञापन

ये हैं 'आप' के गृह मंत्रालय व एलजी से सवाल

1-क़्या यह सच नहीं है कि  शीला सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से हो रही जांच को रोकने के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग से आदेश जारी करवाया था?

2-क्या यह सच नहीं है कि उपराज्यपाल के इस आदेश के लिए फर्जी दस्तावेजों को इस्तेमाल किया था?

3-क्या यह सच नहीं है कि एसीबी ने इस घोटाले में दिल्ली सरकार के जिन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, उन्हें उपराज्यपाल ने क्लीन चिट दे दी?

4-क्या उपराज्यपाल ने इस घोटाले के आरोपी व संदिग्ध अधिकारियों की स्टेटस रिपोर्ट कभी गृह मंत्रालय को भेजी है?

5-क्या यह सच नहीं है कि एसीबी ने जब आरोपी अधिकारियों खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की कोशिश की तो उपराज्यपाल नजीब जंग ने उसे नकारते हुए जांच बंद करने आदेश जारी कर दिया था?

6-क्या यह सच नहीं है कि सीबीआई ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली के सतर्कता विभाग को एक रिपोर्ट भेजी है। इसमें सीबीआई ने पूछा है कि वर्तमान मुख्य सचिव सहित तीन शीर्ष नौकरशाहों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और पूछताछ क्यों न की जाए?

7. क्या यह सच नहीं है कि 2002 में इस घोटाले की सच्चाई को छिपाने के लिए सरकारी दस्तावेज जाली बनाए गए थे?

8. क्या यह सच नहीं है कि कामर्शियल वाहनों को सीएनजी फिटनेस प्रमाण पत्र देने का ठेका निविदा प्रक्रिया खोने के बावजूद उस कंपनी को धोखे से दिया गया?

9. क्या गृह मंत्रालय को पता था कि दिल्ली के मौजूदा सचिव भी इस घोटाले में शामिल रहे है, किस आधार पर 27 अगस्त को उनकी पुनर्नियुक्ति की गई?
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें