दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी के आए दिन प्रकाश में आ रहे मामलों से आप नेता परेशान है लेकिन यह मामले दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के लिए संजीवनी बने हुए है।
इन विवादों को लेकर आप को घेरने के लिए प्रदेश भाजपा को निरंतर मुहिम चलानी पड़ रही है। इसके चलते भाजपा आलाकमान प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं ले पा रही है।
भाजपा के संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-साथ करीब-करीब सभी प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी हो चुकी है, लेकिन भाजपा आलाकमान दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मामले में कोई निर्णय नहीं ले पाई है।
वह न तो वर्तमान अध्यक्ष की पुन: नियुक्ति कर रही है और न ही उनको बदल रही है। हालांकि पिछले 10 माह से वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय को हटाने के कयास चल रहे है।
सूत्रों के अनुसार पार्टी आलाकमान कई बार प्रदेश अध्यक्ष के संबंध में फैसला लेने की तैयारी कर चुकी है लेकिन हर बार दिल्ली की राजनीति में कोई न कोई भूचाल आ जाता है और वह चुप बैठ जाती है।
कई बार आप सरकार के मंत्रियों और विधायकों के विवादों में फंसने पर प्रदेश भाजपा को आंदोलन करना पड़ा। एक बार तीनों नगर निगम के अंदरूनी चुनाव आ गए। इसी बीच तीनों नगर निगम के 13 वार्डों के उपचुनाव हुए।
सूत्रों ने बताया कि अगले वर्ष की शुरूआत में तीनों नगर निगम के चुनाव होने के चलते अब प्रदेश अध्यक्ष बदलने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि इन चुनाव में छह माह भी नहीं बचे है।
दिल्ली भाजपा
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इस कारण जल्दी ही इन चुनाव की तैयारी शुरू करनी है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष बदलने पर चुनाव की तैयारी प्रभावित होनी आशंका है। दूसरी ओर पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष के संबंध में कोई भी फैसला नहीं लेने पर दिल्ली में संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
किसी भी जिला के चुनाव नहीं हुए है। इसके अलावा करीब आधे मंडलों के भी चुनाव नहीं हो सके है। जिलों और मंडलों में पुराने पदाधिकारी ही वीराजमान है। हालांकि प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने जिला बदलने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन सतीश उपाध्याय के विरोध के चलते वह प्रक्रिया बीच में ही रूक गई।