दिल्ली सरकार के मंत्री व बल्लीमारन विधायक इमरान हुसैन ने कहा कि डीडीए के इस फैसले से आम लोगों को गुस्सा है। कौमी स्कूली में हिंदू व मुसलमान दोनों समुदायों के बच्चे पढ़ते हैं। इमरान हुसैन ने चेतावनी दी कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो वह दिल्ली की जनता के साथ भाजपा मुख्यालय पर धरना देंगे।
सोमनाथ बोले, डीडीए बैठक में हुआ हंगामा
डीडीए सदस्य व विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि शुक्रवार को डीडीए बोर्ड की बैठक में उन्होंने स्कूल की जमीन करने का विरोध किया था। बैठक में मौजूद उपराज्यपाल ने पूरे मामले में चुप्पी साधे रखी है। जबकि भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता यहां पार्किंग बनवाना चाहते हैं। सोमनाथ भारती ने शिक्षा मंत्री जी से गुजारिश की कि वह मामले को संज्ञान में लेते हुए उपराज्पाल व तत्कालीन मुख्य सचिव के फैसले को दरकिनार करें। सोमनाथ भारती ने कहा कि इसी तरह पहले जब डीडीए ने स्कूल की जमीन का लैंड यूज बदलते हुए भाजपा मुख्यालय के लिए अलॉट किया था, तब भी उन्होंने इसका विरोध किया था। लेकिन उस वक्त उनके विरोध को अनसुना कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने भी ट्वीट कर जताया विरोध
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर इस मसले पर विरोध दर्ज कराया है। केजरीवाल के मुताबिक, सरकारी जमीन किसी की निजी संपत्ति नहीं है। उपराज्यपाल का इस तरह से सरकारी जमीन का दुरुपयोग गलत है। लोगों को आज जरूरत स्कूल की है। उपराज्यपाल स्कूलों की जमीन भाजपा के कार्यालय व पार्किंग के लिए दे रहे हैं। यह गलत है। इसलिए दिल्ली की जमीन पर दिल्लीवालों का अधिकार होना चाहिए।