आम आदमी पार्टी (आप) अपने बागी नेताओं योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, आनंद कुमार व अजित झा को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है। पार्टी ने बागी नेताओं की गतिविधियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में माना है।
अनुशासन समिति की तरफ से भेजे गए नोटिस में सवाल किया गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर चारों को क्यों न पार्टी से निलंबित कर दिया जाए।
दूसरी तरफ बागी नेताओं का कहना है कि बृहस्पतिवार रात तक अनुशासन समिति को पार्टी ने शिकायत तक नहीं भेजी थी। साथ ही नोटिस मिलने से भी इनकार किया।
आखिरकार भेज दिया गया चारो नेताओं को नोटिस
आप नेता आशुतोष के मुताबिक, पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर सार्वजनिक बयानबाजी करना और बगैर इजाजत के स्वराज अभियान चलाना अनुशासन के दायरे में आता है।
राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने विरोधी नेताओं के खिलाफ मामलों को अनुशासन समिति को भेजा था। लेकिन इसे अवैध करार देना निंदनीय है। राष्ट्रीय स्तर की अनुशासन समिति पर सवाल खड़ा करना अच्छी बात नहीं है। अनुशासन समिति ने शुक्रवार को नोटिस तैयार कर लिया, देर शाम इसे चारों नेताओं को भेज दिया गया है।
दूसरी तरफ योगेंद्र यादव ने कहा कि बृहस्पतिवार रात अनुशासन समिति के अध्यक्ष दिनेश वाघेला गोवा में थे। मोबाइल पर उनसे बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि अभी तक उन्हें पार्टी से कोई शिकायत ही नहीं मिली है। फिर, इस बारे में समिति की अभी तक कोई बैठक भी नहीं हुई है।
राखी बिडलान को क्लीन चिट
योगेंद्र यादव के मुताबिक, हालांकि वाघेला ने इसका जवाब नहीं दिया कि समिति के दो सदस्यों आशीष खेतान व पंकज गुप्ता से इंसाफ की उम्मीद कैसे की जा सकती है, जो खुद ही आरोप लगाने में आगे रहे हैं। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के ही खिलाफ है।
आम आदमी पार्टी ने बर्थडे पार्टी में हंगामे व स्कॉर्पियो गाड़ी गिफ्ट किए जाने के मामले में पार्टी विधायक राखी बिडलान व ऋतुराज का क्लीन चिट दे दी है। पार्टी नेता आशुतोष ने कहा कि दोनो विधायकों को इस मामले में तलब किया गया था।
इसमें विधायकों ने अपना पक्ष रखा। पार्टी दोनों विधायकों के पक्ष से संतुष्ट है। लिहाजा किसी तरह की कोई कार्रवाई की जगह ही नहीं बचती।