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'आप' राष्ट्रीय परिषद की बैठक आज, मोबाइल या रिकॉर्डिंग उपकरण ले जाने पर रोक

Thu, 02 Nov 2017 11:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हंगामेदार हो सकती है


मोबाइल आदि सूचना बाहर देने व रिकॉर्डिंग करने वाले या किसी भी उपकरण को अंदर ले जाने की इजाजत नहीं है। 
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आप - फोटो : SELF
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विस्तार
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विवादों के बीच आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक हंगामेदार होने की संभावना है। इसके लिए पार्टी ने अपने स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। मोबाइल आदि सूचना बाहर देने व रिकॉर्डिंग करने वाले या किसी भी उपकरण को अंदर ले जाने की इजाजत नहीं है। 
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वहीं, मीडिया को भी बैठक में जाने की मनाही है। दूसरी तरफ बैठक के मिनट्स में कुमार विश्वास के मसले का जिक्र नहीं है। वहीं, विश्वास को बोलने का भी मौका नहीं दिया जाएगा। लेकिन अगर वह बोलते हैं तो मामला तूल पकड़ सकता है। 

संभव है कि विश्वास के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव भी बैठक में लाया जाए। अगर विश्वास बगावती तेवर अपनाते हैं तो पार्टी की टूट का खतरा एक बार फिर पैदा हो सकता है। हालांकि जानकारों का मानना है कि पार्टी ने अमानतुल्लाह खान की वापसी व वक्ताओं में से विश्वास का नाम निकालकर अपनी मंशा साफ कर दी है। 
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सारा कुछ कुमार विश्वास के रुख पर निर्भर करता है। लेकिन अभी तक उनके रुख को देखते हुए संभव यह भी है कि वह एक बार फिर बैकफुट पर चले जाएं। सारी निगाहें कुमार विश्वास के अगले कदम पर टिक गईं हैं।

दिल्ली उर्दू अकादमी तक पहुंची आप की जंग

- फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के बीच छिड़ी जंग की आंच दिल्ली उर्दू अकादमी तक पहुंच गई है। अकादमी के उपाध्यक्ष डॉक्टर माजिद देवबंदी ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के खिलाफ बोलने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से दबाव डाला जा रहा है।

ऐसा नहीं करने पर अकादमी की पत्रिका व निमंत्रण पत्रों पर उनका नाम हटा दिया गया। इस बारे में दिल्ली सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। माजिद देवबंदी ने दिल्ली सरकार पर भ्रष्टाचार को भी शह देने के आरोप लगाए। बकौल देवबंदी, अकादमी के सचिव निजी कार्यों के लिए नियमित तौर पर अकादमी के स्टाफ का इस्तेमाल कर रहे हैं।

वहीं, कार्यक्रमों पर होने वाले वास्तविक खर्चों से ज्यादा बिल पास करवाते हैं। देवबंदी ने बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री को भेजी है। लेकिन इस मसले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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'कुमार विश्वास के खिलाफ बोलने के लिए बना रहे दबाव'

- फोटो : अमर उजाला
देवबंदी ने मीडिया को बताया कि कुमार विश्वास से उनकी लंबे वक्त से यारी है। लेकिन दो साल पहले अगस्त में अकादमी का उपाध्यक्ष उनकी योग्यता के दम पर की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अकादमी के कार्यक्रमों में विश्वास को बुलाने से मना कर दिया गया है।

रोजा-इफ्तार पार्टी के अलावा अकादमी ने अगस्त में ज्रश्ने आजादी का कार्यक्रम किया था। इसमें विश्वास को निमंत्रण पत्र नहीं भेजने दिया गया। यहां तक कि कुमार विश्वास के खिलाफ बोलने के लिए सरकार की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है।

उन्होंने सवाल किया कि पार्टी नेताओं की सियासी जंग में एक स्वायत्त अकादमी के उपाध्यक्ष के बोलने का क्या तुक है। उन्होंने बताया कि कोशिशों में नाकाम होने के बाद अब दिल्ली सरकार उन्हें कुमार विश्वास का समर्थक बताने पर तुली है। मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री उन्हें मुलाकात तक का समय नहीं दे रहे हैं।

देवबंदी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अकादमी के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार पर अगर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह मामले की शिकायत उपराज्यपाल अनिल बैजल से करेंगे।       दूसरी तरफ इस बारे में बुधवार को मीडिया ने कुमार विश्वास के बारे में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसाोदिया से सवाल किया तो वह टाल गए।      
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