उन्होंने आगे लिखा, 'मैंने फिर पुनर्विचार याचिका दाखिल की कल उस पर सुनवाई के दौरान मोदी सरकार ने अपना भ्रष्टाचार छिपाने के लिए कहा "राफ़ेल की फाइल चोरी हो गई" सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कब चोरी हुए? सरकार ने कहा 8 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कहा एक महीने में क्या कार्यवाही की सरकार ख़ामोश हो गई इस दौरान जब मेरी सुनवाई का न। आया तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा मैंने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की है इसलिए वो मुझे नही सुनेंगे मैं बड़ी विनम्रतापूर्वक सुप्रीम कोर्ट से पूछना चाहता हूं की मैंने कब क्या कैसे अवमानना की कृपया मुझे बताया जाय और उस आधार माननीय सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फ़ैसला होगा मुझे स्वीकार्य है किंतु मेरा ये विनम्र अनुरोध है कि मेरी किसी कार्यवाही पर देश को न्याय देने से वंचित न करें मुझे जो भी सज़ा देना हो दी जाय लेकिन देश के रक्षा सौदे में हुए राफेल घोटाले में मेरा पक्ष सुनने की कृपा की जाए।'
फेसबुक पोस्ट के साथ ही संजय सिंह ने एक ट्वीट भी किया है। इसमें उन्होंने लिखा है, 'सबरीमाला, राम मंदिर कई मामलों में मा.सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ खुलेआम अपमान जनक टिप्पणी करने वाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व अन्य नेताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने कोई कार्यवाही नही की लेकिन राफेल भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में मेरा गुनाह बताये बगैर मुझे सुनने से मना कर दिया।'