दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल और अन्य आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जारवाल को डॉक्टर सुसाइड केस में 9 मई को गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने विधायक प्रकाश जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। डॉक्टर राजेंद्र भाटी ने 18 अप्रैल को अपने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में डॉक्टर ने इसके लिए आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जरवाल को दोषी बताया था।
नोट में लिखा था कि प्रकाश जरवाल और उसके साथियों ने उन्हें खुदकुशी के लिए मजबूर किया है। उधर, प्रकाश जरवाल और कपिल नागर के वकील ने कहा कि दोनों का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। इस मामले में नेबसराय थाने में विधायक और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है।
ये है मामला
बीएएमएस डॉक्टर राजेंद्र भाटी ने 18 अप्रैल को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। डॉक्टर के पास से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ था उसमें आप के देवली विधायक प्रकाश जारवाल का नाम था।
डॉक्टर ने खुदकुशी नोट में लिखा कि विधायक व उसके साथियों ने उसे खुदकुशी करने के लिए मजबूर किया है। नेबसराय थाने में विधायक प्रकाश जारवाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को देर शाम तक विधायक के पिता व दो भाई संजय व अनिल से पूछताछ की थी।