फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलका पर विवादित टिप्पणी करने वाले भाजपा विधायक दोषी करार

विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली विधानसभा की आचार संहिता समिति ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक ओपी शर्मा को आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा पर आपत्तिजनक टिप्पणी का दोषी करार दिया है।
विज्ञापन


अब ओपी शर्मा की सदस्यता रद्द की जा सकती है। बता दें कि सदन में नाइट शेल्टर पर चर्चा के दौरान अलका लांबा ने ओपी शर्मा से कहा था कि, 'तुम क्या बोल रहे हो, तुम तो नशे का व्यापार करते हो।'

इसके जवाब में ओपी शर्मा ने अलका लांबा के चरित्र पर टिप्पणी करते हुए बोल दिया था कि तुम तो रात भर दिल्ली की सड़कों पर घुमती हो। इसके बाद ही अलका लांबा ने अन्य महिला विधायकों के साथ सदन में और बाहर प्रदर्शन शुरु कर दिया था।
विज्ञापन


हालांकि, ओपी शर्मा की टिप्पणी के बाद विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने ओपी शर्मा को दो दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया था और मामले की जांच सदन की आचार संहिता समिति को सौंप दी थी।

पुरान है दोनों के बीच विवाद

मालूम हो कि ओपी शर्मा और अलका लांबा के बीच संबंधों में खींचतान कोई नई बात नहीं है। इस विवाद से पहले भी ओपी शर्मा और अलका लांबा के बीच विवाद होते रहे हैं।

‌अगस्त 2015 में नशा मुक्ति अभियान के तहत अलका लांबा कश्मीरी गेट इलाके में अभियान चला रही थी और इस दौरान उन पर हमला हुआ था जिसमें उनका सिर फूट गया था।

इस घटना के मामले में भी अलका लांबा ने आरोप लगाया था कि इस इलाके में मिठाई की दुकान चलाने वाले के यहां काम करने वालों ने उन्हें निशाना बनाया।

असल में यह दुकान भाजपा विधायक ओपी शर्मा के भाई की है। हालांकि बाद में ये बात भी सामने आई कि अलका लांबा अपने समर्थकों के साथ इस दुकान में गई थीं जहां पर दुकानदार और समर्थकों के बीच जोर-जबरदस्ती भी हुई थी।

'केंद्र सरकार ने नया आईपीसी बनाया है'

हाल ही में जेएनयू में हुए विवाद के बाद पटियाल हाउस कोर्ट में एक वामपंथी कार्यकर्ता के पीटने के मामले में भी ओपी शर्मा के खिलाफ पुलिस ने समन जारी किया था। बृहस्पतिवार को पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें बेल दे दी।

हालांकि, बेल मिलने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए ट्वीट किया कि एक वामपंथी कार्यकर्ता को सरेआम कैमरों के सामने पीटने वाले भाजपा नेता को पुलिस ने तीन दिन बाद पूछताछ के बुलाया और तुरंत छोड़ दिया, जबकि जेएनयू के छात्र कन्हैया को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

Centre's new IPC- it's not a crime to murder, rape or beat anyone if u r from BJP. Being opposed to BJP n RSS is biggest crime now(1/2)— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 19, 2016
विज्ञापन

'आरएसएस का विरोध सबसे बड़ा अपराध है'

केजरीवाल ने ये भी कहा कि जो लोग भाजपा से संबंध रखते हैं उनके लिए बलात्कार, हत्या या किसी को पीटना कोई अपराध नहीं है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की नई आईपीसी के मुताबिक अब बीजेपी या आरएसएस का विरोध करना ही  सबसे बड़ा अपराध है।

अगला ट्वीट करते हुए दिल्ली के सीएम ने कहा कि केंद्र की नई आईपीसी के मुताबिक हत्या करो, बलात्कार करो या किसी को पीट दो। पकड़े जाने पर बस इतना कह दो कि वो राष्ट्रविरोधी नारे लगा रहा था, आपको छोड़ दिया जाएगा।

Centre's new IPC- rape, murder or beat anyone. When questioned, just say that victim was shouting anti-India slogans, u will be let off(2/2)— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 19, 2016

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें