फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वक्फ बोर्ड भ्रष्टाचार मामला: अमानतुल्लाह को कोर्ट से राहत नहीं, पांच दिनों की रिमांड पर भेजे गए

Thu, 22 Sep 2022 10:55 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

एजेंसी ने अदालत में कहा कि वक्फ संपत्तियों को किराए पर देने में कथित अनियमितता के मामले में एक गवाह ने बताया है कि किस तरह खान अपने साथियों के साथ मिलकर वक्फ संपत्तियों में सुविधाएं दिलाने के नाम पर लोगों से कथित तौर पर मोटी रकम वसूला करता था और बोर्ड के राजकोष को नुकसान पहुंचा रहा था।
विज्ञापन
आप विधायक अमानतुल्लाह खान - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अदालत ने दिल्ली वक्फ बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार आप विधायक अमानतुल्लाह खान की रिमांड अवधि 26 सितंबर तक बढ़ा दी। उसे दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार निवारण शाखा (एसीबी) ने हालही में गिरफतार किया था।

विज्ञापन


राउज एवन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश विकास ढुल के सामने अमानत की रिमांड अवधि खत्म होने पर पेश किया गया। जांच अधिकारी ने उनकी रिमांड 10 दिनों के लिए बढ़ाने की मांग करते हुए कहा उसे खान के खिलाफ कुछ अहम गवाह मिले हैं। अहम आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनसे आरोपी नेता का सामना कराना है।

जांच अधिकारी ने अब तक की जांच का पूरा ब्यौरा अदालत के सामने रखा। एजेंसी ने अदालत में कहा कि वक्फ संपत्तियों को किराए पर देने में कथित अनियमितता के मामले में एक गवाह ने बताया है कि किस तरह खान अपने साथियों के साथ मिलकर वक्फ संपत्तियों में सुविधाएं दिलाने के नाम पर लोगों से कथित तौर पर मोटी रकम वसूला करता था और बोर्ड के राजकोष को नुकसान पहुंचा रहा था। दिल्ली वक्फ बोर्ड की एक महिला कर्मी के बयान को आधार बनाते हुए जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि भारत सरकार ने वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया नाम से एक प्रोजेक्ट लॉन्च किया था। इसके अंतर्गत वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को कंप्यूटरीकरण होना था, पर आरोपी नेता के कहने पर इस प्रोजेक्ट की फाइलें हटा दी गई थीं। 
विज्ञापन


आरोप लगाया कि खान वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता नहीं चाहते थे क्योंकि ऐसा होने से उनकी अवैध गतिविधियों पर लगाम कस जाती। जांच एजेंसी के मुताबिक, अल्पसंख्यक मामलों की ब्रांच के एसडीएम ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड में मानक पद ही नहीं हैं, इसीलिए यहां कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्ति नहीं की जा सकती हैं।

जांच एजेंसी ने अपनी मांग के संबंध में इन तीन बयानों के अलावा और भी कई आधार अदालत के सामने रखे। कौसर इमाम उर्फ लड्डन के घर से मिली डायरियों से कथित तौर पर करोड़ों के लेनदेन का खुलासा हुआ। उनके जरिए अभी तक 37 लोगों के नाम उभर कर आए हैं, जिनकी पहचान स्थापित कर मुख्य आरोपी से उनका सामना कराना है। जांच अधिकारी ने कहा चार दिन की रिमांड के दौरान आरोपी नेता के साथ अस्पताल के चक्कर लगाने में ही खत्म हो गई। वे बीमार होने के चलते अस्पताल में भर्ती रहे और पूछताछ नहीं हो पाई।

इसके अलावा उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया। जामिया नगर पुलिस द्वारा तेलंगाना से गिरफ्तार कौसर के बारे में कहा गया कि यह व्यक्ति एक तरह से मुख्य आरोपी के फंड मैनेजर के तौर पर काम करता था और पैसों के लेनदेन को देखता था। उसे दिल्ली लाए जाने के आधार पर एजेंसी ने अदालत से कहा कि इन दोनों को आमने-सामने बिठाकर मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए करोड़ों के लेनदेन से मिली जानकारी के बारे में इनसे पूछताछ करनी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें