दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने लगा है, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार एक दूसरे पर थोपने में लगे है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च के डाटा को शेयर करने का मांग की है।
बता दें कि केंद्र सरकार को सफर नाम की एजेंसी केंद्र सरकार को प्रदूषण संबंधी डाटा उपलब्ध कराती है। दिल्ली सरकार का कहना है कि डाटा के हिसाब से दिल्ली सरकार राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए कदम उठाएगी। अगर सफर के पास ऐसी कोई तकनीक है, जिससे रियल टाइम जानकारी दी जा सके। तो दिल्ली सरकार प्रदूषण पर रोकथाम के लिए और बेहतर कदम उठा पाएगी। इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने सफर द्वारा पराली से होने वाले प्रदूषण को कम बताने वाले आंकड़ों पर भी सवाल उठाए है। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली में पिछले चार महीने से हवा साफ थी। मगर अब पड़ोसी राज्यों में जलाई गई पराली से दिल्ली की आबोहवा खराब हो रही हैै।
अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण और बढ़ने के कयास लगाए जा रहें है। सफर के मुताबिक इस समय मौसम में बदलाव के चलते हवा की गति धीमी होगी, जिससे प्रदूषण बढ़ने का डर बना रहेगा। दूसरा इसी समय पर दीपावली भी है,जिसमे आतिशबाजी से प्रदूषण की मात्रा में वृद्धि होगी। यह सप्ताह दिल्ली की सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है।