दिल्ली विधालसभा के प्रोटेम स्पीकर पर विपक्ष के असहयोग आंदोलन में केजरी सरकार फंस गई है। प्रोटेम स्पीकर बनने से सोमवार को अधिसूचित प्रो. जगदीश मुखी व उनकी पार्टी ने मना किया तो जेडीयू के एक मात्र विधायक शोएब इकबाल ने भी पद स्वीकार करने से मना कर दिया।
मजबूरी में आप सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया को कांग्रेस नेता से सहयोग मांगना पड़ा। उसके बाद पांच बार चुनाव जीत चुके विधायक चौधरी मतीन अहमद प्रोटेम स्पीकर बनने के लिए राजी हो गए हैं।
बुधवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में विधायकों को शपथ दिलाने वाले प्रोटेम स्पीकर की शपथ देर शाम तक नहीं हो सकी। खबर लिखे जाने तक विधानसभा सचिवालय सत्र शुरू किए जाने को लेकर बुलेटिन बनाने और प्रोटेम स्पीकर को शपथ दिलाने की तैयारी में जुट गया था।
हालांकि शाम 7 बजे तक सरकार की तरफ से विधानसभा सचिवालय को आधिकारिक तौर पर प्रोटेम स्पीकर का नाम नहीं मिला था।
प्रोटेम स्पीकर के लिए उपराज्यपाल ने सोमवार को सबसे वरिष्ठ विधायक प्रो. जगदीश मुखी को अधिसूचित किया था। मंगलवार को दोपहर में शपथ होनी थी, लेकिन उनके मना करने पर पांच बार के विधायक शोएब इकबाल से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया।
उसके बाद कांग्रेस से साथ नहीं मांगने की घोषणा करने वाली आप के मंत्री मनीष सिसोदिया ने कांग्रेसी विधायक से संपर्क किया। पार्टी आलाकमान से हरी झंडी मिलने से चौधरी मतीन अहमद राजी हो गए।