दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में भाजपा नेता राघव चड्ढा का नाम शामिल किए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। दिल्ली आप के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि 31 अगस्त को जारी पहले चरण के एसआईआर के ड्राफ्ट रोल में राजेंद्र नगर के संबंधित बूथ पर 746 मतदाता थे और राघव चड्ढा का नाम सूची में नहीं था। अब उसी बूथ पर मतदाताओं की संख्या 747 हो गई है और राघव चड्ढा का नाम 747वें क्रमांक पर दर्ज है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 'ये आरोप नहीं है बल्कि ये तो तथ्य है।' उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा जहां राजेंद्र नगर में रहते थे, वहां के एक बूथ पर पहले 746 वोटर थे। अब अचानक उनका वोट उसी बूथ पर दोबारा आ गया और उनका सीरियल नंबर 747 है।
आम आदमी पार्टी की ओर से कहा गया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट इलेक्ट्रोल रोल जारी किया था। पार्टी का दावा है कि 31 अगस्त के ड्राफ्ट रोल में राजेंद्र नगर के संबंधित बूथ पर 746 वोट थे और राघव चड्ढा का नाम नहीं था। अब उसी बूथ पर 747 वोटर हैं और राघव चड्ढा का नाम सूची में जुड़ गया है।
चुनाव आयोग से प्रक्रिया बताने की मांग
सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि आखिर 31 अगस्त के बाद किस प्रक्रिया के तहत राघव चड्ढा का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग और राघव चड्ढा दोनों से जवाब जानना चाहते हैं।
आप की ओर से कहा गया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम एसआईआर में जोड़ने या हटाने के लिए कोई निर्धारित प्रक्रिया है तो चुनाव आयोग उसे स्पष्ट करे। पार्टी ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि यदि बिना किसी डॉक्यूमेंटेशन और तय प्रक्रिया का पालन किए चुनाव आयोग के स्तर से किसी का नाम एसआईआर में जोड़ा या हटाया जा सकता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर सवाल है।
आप ने मांग की कि यदि राघव चड्ढा का नाम निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है तो उसे हटाया जाए और नियमानुसार पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाए।