दिल्ली विधान सभा चुनाव की तर्ज पर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) एक बार फिर पूर्वांचली कार्ड का सहारा ले रही है। इसके लिये पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले करीब तीन दर्जन उम्मीदवारों मैदान में उतारा है।
वहीं, चुनाव प्रचार के लिये इसी पृष्ठभूमि के वरिष्ठ नेताओं को तैनात कर दिया है। खास बात यह कि दिल्ली में पार्टी के ज्यादातर नेता उन्हीं क्षेत्रों में रहते हैं, जहां पूर्वांचली आबादी सघन है। पार्टी का मानना है कि इससे मतदाताओं से संवाद बनाने में आसानी रहेगी।
दिल्ली में पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले लोगों की आबादी करीब 30 फीसदी है। वहीं, करीब 40 वार्ड के चुनाव परिणामों पर इनका अच्छा-खासा असर भी रहता है। बीते विधान सभा चुनाव में आप ने दिल्ली में पहली बार बड़े पैमाने पर पूर्वांचली कार्ड खेला।