आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक अग्रवाल ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने मंगलवार को पार्टी छोड़ते वक्त कहा कि आम आदमी पार्टी एक दिशाहीन पार्टी है। साथ ही इसका संचालन ठीक उसी तरह किया जा रहा है, जैसे किसी एक निजी कंपनी का किया जाता है।
उन्होंने पार्टी को लिखे गए पत्र में कहा कि पार्टी के स्थापना के समय पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कई नियम कानून बनाए थे, लेकिन बाद उन्होंने समय के अनुसार नए नियम कानून बना दिए, जिनमें से कुछ पिछले नियमों से एकदम विपरीत हैं।
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यहीं नहीं यह पार्टी एक आंदोलन से निकली है और आगे भी अपना भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का वायदा था, लेकिन अब पार्टी दिशाहीन हो गई है। इसे एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तरह संचालित किया जा रहा है।
आशोक अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा की पार्टी में लगातर एलीट क्लास के लोगों को जगह दी जा रही है। साथ ही पार्टी नौकरशाहों और धनी लोगों को प्रमोट भी कर रही है। जबकि पार्टी आम आदमी के लिए बनी थी और इसका विजन आम आदमी के हितों को साधना था।
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अशोक अग्रवाल आप के पीएसी की दूसरी सबसे प्रमुख समिति एनईसी के प्रमुख सदस्य थे। लेकिन अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
इस मुद्दे पर पार्टी प्रवक्ता दीपक वाजपेई ने कहा कि अगर अशोक अग्रवाल को पार्टी में कोई खामी दिख रही थी, तो इसे पार्टी फोरम में उठाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि उनके इस्तीफे के बारे में पार्टी को मीडिया के जरिए पता चला।
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आप के सूत्रों के मुताबिक अशोक अग्रवाल चांदनी चौके से आशुतोष को टिकट दिए जाने का विरोध कर रहे थे। उनके अनुसार किसी ऐसे आदमी जिसने हाल ही पार्टी ज्वॉइन की हो उसे इतने महत्वपूर्ण सीट से उम्मीदवार बनाना गलत था।
वहीं पूर्व कूटनीतिज्ञ और आप नेता मधु भादुड़ी ने पार्टी छोड़ दी है। वह पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिड़की एक्सटेंशन मुद्दे पर पार्टी से खफा हैं। वहीं राष्ट्रीय परिषद के सदस्य अश्विनी उपाध्याय ने भी पर्टी पर लक्ष्य से भटकने का आरोप लगाते हुए इसे पैराशूटिंग पार्टी बताया है।