आप को वार्ड समितियों के चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग का सामना करना पड़ा था। सात पार्षदों ने तीन जोन में क्रॉस वोटिंग की थी। वहीं, भाजपा के पास एमसीडी में 122 वोट हैं, जिनमें 114 पार्षद, सात सांसद और एक विधायक शामिल हैं। भाजपा को मेयर चुनाव में 130 वोट मिले यानी उसे आठ अतिरिक्त वोट मिले।
दूसरी ओर, आप नेतृत्व ने इस क्रॉस वोटिंग को गंभीरता से लिया है और मेयर महेश कुमार ने अपने निर्वाचन के बाद डिप्टी मेयर चुनाव 30 मिनट बाद कराने की बात कही। इस दौरान आप नेताओं ने पार्षदों के साथ बैठक की और क्रॉस वोटिंग नहीं करने की हिदायत दी। साथ ही, चेतावनी दी कि क्रॉस वोेट करने वाले पार्षद सचेत हो जाए, पार्टी इस घटनाक्रम की जांच करेगी।
भाजपा से वापस आए व कांग्रेस के पार्षदों के साथ से मिली जीत
मेयर चुनाव में आप की जीत उसके दो बागी पार्षदों के भाजपा से वापस आने और कांग्रेस के दो पार्षदों को साथ आने पर संभव हो पाई। आप के लिए यह जीत आसान नहीं थी, क्योंकि पार्टी को मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग का सामना करना पड़ा। ये चार पार्षद उसके साथ नहीं होनेे की स्थिति में उम्मीदवार को 129 वोट ही प्राप्त होते और भाजपा उम्मीदवार को 132 वोट मिलते।