दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के सचिव राजेंद्र कुमार पर सीबीआई के छापे के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय वित्त मंत्री पर हमले तेज कर दिए हैं। पार्टी ने अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के नेताओं आशुतोष और संजय सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग की। आम आदमी पार्टी ने कहा कि केंद्र के कहने पर डीडीसीए घोटाले की जांच कराई जा रही है।
जबकि केंद्र सरकार अरुण जेटली को सीबीआई के जरिए बचाने का प्रयास कर रही है। खेल और युवा मंत्रालय भारत सरकार के दस्तावेज दिखाते हुए आप प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई द्वारा की छापेमारी जेटली को बचाने के लिए की जा रही है।
'कीर्ति आजाद ने उठाया था डीडीसीए मामला'
आप नेताओं के मुताबिक डीडीसीए में अरुण जेटली की भूमिका पर खुद भाजपा नेता भी सवाल उठा चुके हैं। डीडीसीए में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने उठाया था।
आशुतोष ने कहा कि सब जानते हैं डीडीसीए भ्रष्टाचार का अड्डा है और जेटली लंबे समय तक इसके अध्यक्ष रहे हैं। डीडीसीए की फाइल जब्त करने और जांच को प्रभावित करने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इससे पहले आशुतोष ने ट्वीट कर पूछा था कि डीडीसीए की फाइल में ऐसा क्या है जिसे जेटली पूरी दुनिया से छुपा कर रखना चाहते हैं और जिसके लिए उन्होंने सीबीआई को मुख्यमंत्री कार्यालय में फाइल जब्त करने के लिए भेजा।
बता दें कि आज आम आदमी पार्टी से पहले कांग्रेस ने भी अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग की और डीडीसीए मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की बात कही थी।
सीबीआई ने आरोपों का किया खंड़न
वहीं आम आदमी पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस के तुरंत बाद सीबीआई ने प्रेस कांफ्रेस कर दिल्ली सरकार और आप के आरोपों को खारिज किया। सीबीआई ने एक बार फिर केजरीवाल के दफ्तर पर छापेमारी से इनकार कर दिया।
प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने कहा कि सीबीआई पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। जबकि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के दफ्तर पर भी छापेमारी नहीं की गई।
सीबीआई के मुताबिक राजेंद्र कुमार की जांच से जुड़े दस्तावेज ही लिये गए हैं। आप और दिल्ली सरकार द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।