दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के बीच सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी चुनाव आयोग पहुंच गई है। पार्टी ने आयोग से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व अन्य दूसरे भाजपा सांसदों पर स्कूलों से संबंधित फर्जी वीडियो जारी करने और गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया है। आप की मांग है कि शाह के चुनाव प्रचार अभियान पर 48 घंटे की पाबंदी लगाने के साथ उन पर व अन्य सांसदों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
आप सांसद संजय सिंह बुधवार को राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता के साथ चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे। दोनों नेताओं ने गृह मंत्री की शिकायत करते हुए कहा है कि उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर दिल्ली सरकार के एक स्कूल का फर्जी वीडियो जारी किया है।
इसमें भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने निर्माणाधीन एक सरकारी स्कूल के वीडियो से स्कूल की हालत जर्जर दिखाई है, जबकि स्कूल के गेट पर लगे नोटिस में साफ लिखा है कि यह स्कूल बीते साल अक्तूबर में ही दूसरी जगह शिफ्ट हो गया है। वहीं, प्रवेश वर्मा समेत दूसरे सांसदों ने भी स्कूलों की हालत के मामले में गलतबयानी की है।
संजय सिंह ने बताया कि चुनाव के दौरान झूठ फैलाना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्री के प्रचार अभियान पर 48 घंटे तक प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही झूठे और फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए अमित शाह, गौतम गंभीर, प्रवेश वर्मा समेत अन्य भाजपा सांसदों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
गृह मंत्री पर करेंगे 100 करोड़ की मानहानि का केस
संजय सिंह का दावा है कि गृहमंत्री के झूठे वीडियो से दिल्ली के अभिभावक आहत हैं और बच्चे खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। कई अभिभावकों ने तय किया है कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों, उनके अभिभावकों और स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का अपमान करने के लिए गृह मंत्री पर 100 करोड़ रुपये की मानहानि का केस किया जाएगा। बृहस्पतिवार को इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।