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मूल प्रस्ताव में राजीव गांधी का नाम नहीं था, लांबा से इस्तीफा नहीं मांगा : आप

Sat, 22 Dec 2018 05:46 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दिल्ली विधानसभा से पारित प्रस्ताव में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का ‘भारत रत्न’ सम्मान वापस लेने की मांग का जिक्र नहीं होने का उल्लेख करते हुये शनिवार को कहा कि यह मांग संशोधित प्रस्ताव का हिस्सा थी, जिसे सदन से पारित नहीं किया गया।

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सिसोदिया ने इस भ्रम के कारण उपजे विवाद से नाराज पार्टी विधायक अलका लांबा से इस्तीफा मांगे जाने से भी इंकार करते हुये कहा कि ना तो उनसे इस्तीफा मांगा गया है ना ही कोई इस्तीफा हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि लांबा ने शुक्रवार को इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुये कहा था कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उनसे विधायक पद से इस्तीफा देने को कहा है और पार्टी प्रमुख के फैसले को स्वीकार कर वह इस्तीफा दे देंगी। हालांकि शनिवार शाम को अलका लांबा सामने आईं और उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस्तीफा नहीं दे रही हैं।
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सिसोदिया ने संवाददाताओं को बताया कि 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिये विधानसभा में पिछले दो दिनों से चल रही चर्चा के दौरान पारित एक प्रस्ताव को लेकर यह विवाद पैदा हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन से पारित मूल प्रस्ताव में भारत रत्न सम्मान वापस लेने की बात शामिल नहीं थी। 

हमने किसी को इस्तीफे के लिए नहीं कहा- आप

प्रस्ताव पारित किये जाने के समय सदन में मौजूद रहे आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पार्टी विधायक जरनैल सिंह को दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने संबंधी प्रस्ताव पेश करना था। इसी समय आप विधायक सोमनाथ भारती ने विधायकों को वितरित की गई प्रस्ताव की प्रति पर गांधी का भारत रत्न सम्मान वापस लेने की मांग पेन से लिख कर उक्त प्रति जरनैल सिंह को सदन पटल पर पेश करने के लिये दे दी। 

भारद्वाज ने कहा मूल प्रस्ताव ही सदन से पारित हुआ जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़ी मांग का जिक्र नहीं था। उन्होंने माना कि भारत रत्न लौटाने की मांग को संशोधित प्रस्ताव का हिस्सा माना जा सकता है, जो कि पारित नहीं किया गया। 

राजीव गांधी से भारत रत्न सम्मान वापस लेने की मांग से इत्तेफाक रखने के सवाल पर सिसोदिया ने कहा ‘‘हमारा ऐसा कोई विचार नहीं है कि राजीव गांधी से भारत रत्न सम्मान वापस लिया जाये।’’ 
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कपिल ने बताया अलका को बलि का बकरा

वहीं इस मुद्दे पर पार्टी से निकाले गए विधायक व पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने सीएम केजरीवाल व उनकी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि अलका लांबा को तो बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने सदन का एक वीडियो जारी करते हुए व सदन में आप की तरफ से पेश किए गए संकल्प पत्र की तस्वीर शेयर करते हुए अलका लांबा को सॉफ्ट टारगेट बनाने की बात कही है।

कपिल ने अपने ट्वीट में लिखा, "अल्का लाम्बा को लाक्षागृह में फंसाया गया, राजीव गांधी का भारत रत्न वापस हो ये मांग मैंने 17 दिसम्बर को की थी, आज तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह ने सदन में प्रस्ताव रखा, सदन ने एकमत से खड़े होकर ये प्रस्ताव पास किया , अध्यक्ष ने भी खड़े होकर इसका समर्थन किया, अलका बनी बलि का बकरा।"

कपिल ने एक और ट्वीट में लिखा, "प्रस्ताव लाने वाले - जरनैल सिंह; प्रस्ताव बनाने वाले - सौरभ भारद्वाज, सोमनाथ भारती; प्रस्ताव पास करवाने वाले - अध्यक्ष रामनिवास गोयल; जिसकी मर्जी के बिना सौरभ और रामनिवास जी कोई प्रस्ताव नहीं लाते - केजरीवाल; इसमें अलका लांबा कहां से आ गयी?"

कपिल ने ये भी लिखा कि, "AAP में आज खुद को कांग्रेस का ग़ुलाम और गांधी परिवार का वफ़ादार साबित करने की होड़ लगी हैं, केजरीवाल किसी को भी अपने से बड़ा ग़ुलाम नहीं बनने देना चाहते गांधी परिवार का सबसे बड़ा गुलाम बनने की इस रेस में अलका लांबा को रेस से ही बाहर किया जा रहा हैं।"
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