मनीष सिसोदिया का आरोप है कि यह दुखद है कि कांग्रेस अब हरियाणा पर बात ही नहीं करना चाहती। कांग्रेस के लिए सत्ता सुख देश के संविधान, लोगों के सम्मान व सांप्रदायिक ताने बाने से ऊंचा है। इससे साबित होता है कि बातचीत के बहाने कांग्रेस सिर्फ समय बर्बाद कर रही है। कांग्रेस के 4-3 के फॉर्मूले पर दिल्ली में गठबंधन से जुड़े सवालों पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगर वहां बंद हो गया है तो यहां सवाल ही नहीं है। साथ ही दावा भी किया कि आप सभी सातों सीटों पर भाजपा को हराने में सक्षम है।
अहम यह कि आप के दावे के उलट कांग्रेस शुरू से ही कहती आई है कि वह हरियाणा में गठबंधन के लिए आप व जजपा से कोई बात नहीं कर रही है। बीते दिनों हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने सार्वजनिक तौर पर इस तरह की किसी बातचीत से मना किया था। गौरतलब है कि शुक्रवार को आप ने दावा किया था कि शनिवार सुबह उसके दो नेता गठबंधन पर अंतिम फैसला सुनाएगा।
संजय सिंह ने कहा कि अगर 18 सीटों पर गठबंधन होता तो पूरे देश में मैसेज जाता कि भाजपा सत्ता में नहीं आ रही। कांग्रेस पार्टी मोदी को दोबारा सत्ता में लाने की संभावना को जीवित रखना चाहती है। हरियाणा में आप ने कहा कि 6-3-1 या 7-2-1 पर मान जाओ। वे नहीं माने। पंजाब, गोवा, चंडीगढ़ में नहीं माने। संजय सिंह ने कहा कि हरियाणा और पंजाब का चैप्टर पूरी तरह खत्म हो गया है। देश के मतदाता केंद्र सरकार से परेशान हैं। नफरत की राजनीति के खिलाफ वोट देने को तैयार हैं। अगर गलती से मोदी-शाह की जोड़ी वापस आई, तो इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस जिम्मेदार होगी।