जनलोकपाल आंदोलन में समाजसेवी अन्ना हजारे के सहयोगी रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी उनके किसान आंदोलन में शामिल होने पर हां या ना के बीच अटकी है। फिलहाल आम आदमी पार्टी (आप) अन्ना से प्रत्यक्ष निमंत्रण मिलने का इंतजार कर रही है। हालांकि हरियाणा के पलवल से किसान अधिकार सत्याग्रह यात्रा शुरू करते समय शुक्रवार को अन्ना ने कहा है कि अगर आप आंदोलन में शामिल होना चाहती है तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं है।
आप का कहना है कि अपने पहले के आंदोलनों में अन्ना ने किसी राजनीतिक पार्टी को शामिल करने को मना किया था। रालेगण सिद्धी में जनलोकपाल आंदोलन में आप नेताओं ने शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन अन्ना ने उन्हें गांव से बाहर चले जाने का आदेश दिया था। ऐसे में पार्टी बगैर अन्ना के आदेश पर उनके आंदोलन में शामिल नहीं हो सकती। हालांकि, निजी तौर पर पार्टी का कोई भी सदस्य आंदोलन से जुड़ सकता है।
इस बारे में आप नेता दिलीप पांडेय ने कहा कि पार्टी अन्ना का हर आदेश मानने को तैयार है। किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए अगर उनकी तरफ से प्रत्यक्ष निमंत्रण मिलता है तो पार्टी उसमें शामिल होगी। बता दें कि शुक्रवार को हरियाणा के पलवल से आप की किसान अधिकार चेतावनी सत्याग्रह यात्रा शुरू हुई।
अन्ना हजारे ने इसे हरी झंडी दिखाई। 24 फरवरी को जंतर-मंतर पर भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के लिए केंद्र सरकार की तरफ से लाए गए अध्यादेश के खिलाफ रैली होगी। इसमें देश भर के कई सामाजिक आंदोलन हिस्सा लेंगे। एक दिन की रैली में अन्ना हजारे भी शामिल होंगे। इसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार होगी।