बयान बदलने के कुछ दिन बाद शरत चंद्र रेड्डी को जमानत मिल गई- आतिशी
आतिशी ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल को 2 दिन पहले इस तथाकथित शराब घोटाले के तहत गिरफ्तार किया गया। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी सिर्फ एक आदमी के बयान के आधार पर हुई है, जिसका नाम शरत चंद रेड्डी है। शरत चंद्र रेड्डी अरबिन्दो फार्मा नाम के एक बहुत बड़ी दवाई कंपनी के मालिक हैं। इनके पास कई और कंपनियां भी हैं, जिसमें से दो प्रमुख कंपनियां एपीएल हेल्थ केयर और यूजीआ फ़ार्मा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली एक्साइज पॉलिसी में शरत चंद्र रेड्डी को कुछ जोन मिले। इन्हें 9 नवंबर 2022 को पूछताछ के लिए बुलाया गया और इन्होंने साफ-साफ बोला कि वो न तो अरविंद केजरीवाल को जानते हैं, न उनसे मिले हैं और न ही आम आदमी पार्टी से उनका कोई लेनदेन है। इस बयान के अगले दिन ही शरत चंद्र रेड्डी को ईडी द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। कई महीने जेल में रहने के बाद एक दिन इन्होंने अपना बयान बदला और कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल से मिला भी और शराब घोटाले पर उनसे बात भी हुई। यह बयान के देने के कुछ समय बाद ही शरत चंद रेड्डी को बेल मिल जाती है। लेकिन ये सिर्फ बयान है। पैसा कहा है? मनी ट्रेल कहा है? क्योंकि भाजपा और उनका राजनैतिक हथियार ईडी तो बार-बार यह कह रहे है कि शराब घोटाले में पैसा बना और शराब कारोबारियों ने इस पैसे को रिश्वत के तौर पर दिया।
शरत रेड्डी की कंपनियों से भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में मिला पैसा ही मनी ट्रेल है- आतिशी
आतिशी ने मनी ट्रेल को लेकर खुलासा करते हुए कहा कि शरत चंद्र रेड्डी की कंपनियों द्वारा भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में दिया गया ही पैसा मनी ट्रेल है। आज ये मनी ट्रेल पूरे देश के सामने आ गया है कि अरबिन्दो फार्मा के मलिक व शराब कारोबारी शरत चंद्र रेड्डी ने एक्साइज पॉलिसी के बनने के दौरान ही 4.5 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड भाजपा को दिए थे। उसके बाद गिरफ़्तार होने के बाद भाजपा को 55 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड और दिए। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से जिस मनी ट्रेल की बात हो रही थी, आज वो मनी ट्रेल सामने आ गई है कि आखि़रकार शराब के कारोबारियों ने पैसा किसको दिया, पैसा कहां और कब गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईडी को चुनौती देते हुए कहा कि आज शराब घोटाले की मनी ट्रेल मिल गई है। सारा पैसा भाजपा के बैंक अकाउंट में गया है। इसलिए अब ईडी भाजपा को आरोपी बनाए और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को गिरफ़्तार करे। क्योंकि अब पहली बार एक्साइज पॉलिसी के मामले में आधिकारिक मनी ट्रेल सामने आ गया है और ये मनी ट्रेल सीधा शराब के कारोबारियों से भाजपा के बैंक अकाउंट में गया है।