जन अधिकार पदयात्रा निकालकर मिशन-2019 के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जमीन तैयार करने वाली आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को असमंजस में डाल दिया है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर प्रत्याशी उतारने का फैसला नहीं लिया जा सका है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक राज्य की चुनिंदा सीटों पर ही चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी ने लिया है।
हालांकि, सोमवार को लखनऊ में प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने टिकट के लिए आवेदन करने वालों से मुलाकात की। इस बैठक में अलीगढ़, सहारनपुर, पीलीभीत, लालगंज, अमेठी, संभल, बरेली, रामपुर, उन्नाव सहित 32 लोकसभा क्षेत्रों से पहुंचे टिकट के दावेदारों से चर्चा की।
गौतमबुद्ध नगर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह की तरफ से जारी बयान में मजबूत संगठन वाले जिलों में अपने उम्मीदवार उतारने का जिक्र किया गया है। एक-दो दिन में प्रत्याशियों के नाम की पहली सूची जारी करने का दावा किया गया है, लेकिन गौतमबुद्ध नगर को लेकर बनी असमंजस की स्थिति ने कार्यकर्ताओं की बेचैनी बढ़ा दी है।
जन अधिकार यात्रा से दिए थे संकेत
सितंबर में पार्टी सहारनपुर से नोएडा तक जन अधिकार यात्रा निकालकर पश्चिमी यूपी की राजनीति में दखल देने के संकेत कार्यकर्ताओं को दिए थे। नोएडा में अरविंद केजरीवाल की रैली में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिंह और भाजपा सांसद शत्रुघभन सिन्हा को भी बुलाया गया था। इसके बाद से ही पार्टी की जिला इकाई ने जन संपर्क अभियान शुरू कर दिया था। पार्टी कार्यकर्ताओं ने गौतमबुद्ध नगर सीट पर किसी बड़े चेहरे को उतारने की सिफारिश वरिष्ठ पदाधिकारियों से की थी।
पार्टी की तरफ से अभी कोई दिशानिर्देश नहीं दिए गए हैं। जल्द ही इसको लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
-संजीव निगम, जिला प्रवक्ता-आप