पाकिस्तान से आए हिंदू शर्णार्थियों से मिलने पहुंचे मनोज तिवारी
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आम आदमी पार्टी व कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध कर दोनों पार्टियों ने साबित कर दिया है कि वह अल्पसंख्यक विरोधी हैं। देश के बाहर से आए शरणार्थियों की खुशी भी उन्हें रास नहीं आ रही है। यह बातें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहीं।
उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि आम आदमी पार्टी लोगों में भ्रम फैला रही है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों का विरोधी है, जबकि सच्चाई ये है कि देश के बाहर से आए शरणार्थियों को नागरिकता देकर उन्हें खुशियां दी गई है। आम आदमी पार्टी टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करने वाली है, इसलिए भारत में आए उन हिंदुओं का विरोध कर रही है जो पहले ही दूसरे देशों में प्रताड़ित होते रहे हैं। यह विधेयक अल्पसंख्यकों के अधिकारों को हनन करने वाला नहीं है। हिंदुओं के लिए अगर कोई सुरक्षित स्थान है तो भारत है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि इस बिल को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। यह कानून मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। मुसलमानों को किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
दिल्ली सरकार के ‘फरिश्ते’ पर साधा निशाना
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली सरकार के ‘फरिश्ते’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों वजीरपुर में रहने वाली एक लड़की दुर्घटना की शिकार हुई थी। उसके परिजनों ने इलाज पर 30 हजार रुपये खर्च किए। राज्यसभा सांसद संजय सिंह के प्रतिनिधि तो उससे मिलने गए थे, लेकिन मुलाकात के बाद दुर्घटना की शिकार लड़की के परिजनों का फोन उठाना तक छोड़ दिया।
भाजपा झुग्गी-झोपड़ी सेल के संयोजक उमेश वर्मा ने बताया कि प्रदेश भाजपा दुर्घटना की शिकार बच्ची के इलाज पर खर्च हुए रुपये वहन करेगी। तिवारी ने 11वीं कक्षा की छात्रा प्रीति को मीडिया से रूबरू कराते हुए कहा कि 10 अक्तूबर को प्रीति को टेंपो ने टक्कर मार दी थी। वह शालीमार बाग के एक अस्पताल में भर्ती रही। एक माह 20 दिन स्कूल भी नहीं जा सकी। उसके इलाज में 30 हजार रुपये का खर्च आया। इसी तरह तिवारी ने नारायण सिंह नाम के एक व्यक्ति को भी मंच पर बुलाया और उनकी जुबानी दिल्ली सरकार के ‘फरिश्ते’ योजना की पोल खोली।