दिल्ली पुलिस का इस पर कहना है कि प्रोटोकोल के चलते किसी भी वाहन को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने आगे कहा कि राज निवास में हो रहा कार्यक्रम एक पवित्र अवसर है जो कि हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर मनाया जाता है। स्थापित प्रोटोकोल, सम्मेलन और जगह को लेकर दिल्ली सरकार के किसी भी वाहन को अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई।
पुलिस ने ये भी कहा कि बुधवार को भी भारत सरकार के किसी भी अफसर और दिल्ली सरकार के किसी भी अफसर के वाहन को अनुमती नहीं दी गई। माननीय मुख्यमंत्री की सुरक्षा में किसी तरह की कोई देरी नहीं की गई, इस तरह की गलत सूचना आधारहीन है।'
एलजी के अफसर ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी ना देते हुए केवल इतना कहा कि सुरक्षा विशेष रूप से दिल्ली पुलिस द्वारा ही संचालित की गई। हालांकि सूत्रों के अनुसार किसी भी गाड़ी को एलजी हाउस में जाने की अनुमती नहीं थी, किसी भी गाड़ी को अंदर घुसने नहीं दिया गया।
आप नेताओं ने मांग की है कि उनके आरोप की पुष्टी करने के लिए उस जगह की सीसीटीवी फुटेज जारी की जाए। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा 'कृप्या एलजी हाउस के एंट्रेंस गेट की सीसीटीवी फुटेज जारी की जाए। ताकि इस देश के लोग ये देख सकें कि किसकी गाड़ी को अंदर घुसने दिया और किसे चलने को कहा गया।'
दिल्ली पुलिस के बयान का खंडन करते हुए, आप नेताओं ने कहा कि इस तरह का बर्ताव पहली बार किसी मुख्यमंत्री के साथ किया गया है।
उनका ये भी आरोप है कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ और यह कोई पहला कार्यक्रम नहीं है, जब राज निवास में सीएम और अन्य लोग उपस्थित हुए हों। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कम से कम अन्य 6 गाड़ियों को अंदर जाने दिया गया। सूत्रों के अनुसार केजरीवाल इस मुद्दे को एलजी तक लेकर नहीं गए हैं।