आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार के दबाव में चुनाव आयोग देश की शांति व्यवस्था को बिगाडने की कोशिश कर रहा है। वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को लेकर आयोग ने जो रणनीति तैयार की है, उससे पार्टियों व प्रत्याशियों में टकराव बढ़ेगा। पार्टी का आरोप है कि केंद्र्र सरकार के इशारे में आयोग देश में दंगे का माहौल पैदा कर रहा है।
आप प्रवक्ता व विधायक सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बात करते हुए पार्टी कार्यालय में बुधवार को कहा कि आप लंबे समय से ईवीएम की प्रमाणिकता पर सवाल उठाती रही है। पार्टी का मानना है कि मशीन में छेड़छाड़ संभव है। लेकिन केंद्र सरकार इस मसले में भ्रम फैला रही है। केंद्र सरकार ईवीएम में टेंपरिंग कर मतदाताओं के मतों के साथ गड़बड़ी करने की कोशिश की जा रही है। सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, सभी विपक्षी दल मांग कर रहे हैं कि ईवीएम के वोट का वीवीपैट की पर्चियों से मिलान किया जाए। लेकिन चुनाव आयोग ऐसा करने से मना कर रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि पहले सभी लोकसभा सीटों की मतगणना होगी, उसके बाद वीवीपैट की पर्चियों का मिलान किया जाएगा।
सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि अगर वोटों की गिनती के बाद किसी लोकसभा में रिजल्ट आता है कि भाजपा का प्रत्याशी जीता और उसके पश्चात वीवीपैट की पर्चियों की गिनती में गड़बड़ निकली है तो क्या भाजपा उस लोकसभा के चुनाव को रद्द करने देगी? क्या जीता प्रत्याशी सड़कों पर उतर कर विरोध नहीं करेंगे? क्या वह दोबारा चुनाव कराने के लिए राजी हो जाएंगे?
सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि चुनाव आयोग वोटों की गिनती के बाद वीवीपैट की पर्चियों के मिलान करने की बात कह रहा है, वह सीधे तौर पर देश में दंगे कराने की साजिश है। इससे देश की शांति को खतरा है। चुनाव आयोग के इस रवैए से दंगे जैसी स्थिति पैदा हो सकती हैं।