जंतर मंतर पर मिले जनसमर्थन को आम आदमी पार्टी (आप) बरकरार रखना चाहती है। लिहाजा पार्टी अपनी पूरी ताकत हस्ताक्षर अभियान में झोंकने को तैयार है।
इसकी जिम्मेदारी बूथ लेवल कार्यकर्ताओं पर डाली गई है। पार्टी की कोशिश अधिकतम मतदाताओं तक पहुंचने की होगी।
दरअसल, पार्टी दिल्ली में बूथ स्तर पर कमेटियां बना रही है। कमेटी में बतौर सचिव कम से कम दस सदस्यों को शामिल किया जाएगा। वहीं, एक बूथ इंचार्ज भी होगा।
यहां छिपा है केजरी की सफल रैली का राज!
पार्टी पदाधिकारियों की मानें तो फिलहाल 24 विधानसभाओं में बूथ कमेटियां गठित हो गई हैं। वहीं, 25 विधानसभा क्षेत्रों में 90 फीसदी तक काम पूरा हो चुका है।
जबकि शेष अन्य में 30 से 40 फीसदी काम बाकी है। पार्टी की कोशिश दिल्ली के करीब 11,300 बूथ पर एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करने की है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो रविवार को आयोजित जंतर मंतर रैली की सफलता का राज भी इन्हीं बूथ कमेटियों में छिपा है। लोकसभा चुनाव के बाद हुई पहली रैली को पार्टी का प्रदेश संगठन अपनी बड़ी सफलता मान रहा है।
ऐसे खुलेगी भाजपा-कांग्रेस की पोल!
वहीं, पार्टी मान रही है कि फिलहाल उपराज्यपाल विधान सभा भंग नहीं करेंगे। साथ ही अगले साल फरवरी तक चुनाव कराए जाने की संभावना भी कम है। ऐसे में आम लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए हस्ताक्षर अभियान बेहतर तरीका साबित हो सकता।
पार्टी प्रवक्ता दिलीप पांडेय के मुताबिक, पार्टी हर हालात के लिए तैयार है। चाहे आज चुनाव हों या पांच महीने बाद।
उन्होंने कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर विधानसभा भंग नहीं होती है तो पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर भाजपा और कांग्रेस की जुगलबंदी का राज खोलेंगे। इस दौरान कार्यकर्ता आम लोगों को हस्ताक्षर भी लेंगे।