आम आदमी पार्टी राजधानी में बिजली आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रही है। बुधवार को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसका संकेत दिया।
केजरीवाल ने कहा कि कंपनियों की सीएजी ऑडिट के बगैर दरों में बढ़ोतरी गलत है। बिजली दरें बढ़ने से आम दिल्लीवासी सड़क पर होंगे।
‘आप’ का दावा है कि डीईआरसी सात जुलाई को बिजली दरें बढ़ाने का फैसला कर सकती है। पार्टी इसके लिए एनडीए सरकार पर निशाना साध रही है।
'अब सहेंगे नहीं सड़क पर उतरेंगे'
केजरीवाल ने बुधवार को ट्वीट किया कि भाजपा ने दिल्लीवासियों से वादा किया था कि उसकी सरकार बनने पर तीस फीसदी बिजली दरें कम होंगी, लेकिन काम इसके उलट हो रहा है।
दिल्लीवासी बिजली दरों में किसी तरह की बढ़ोतरी को सहन नहीं करेंगे। लोग सड़कों पर उतरेंगे। अगर ‘आप’ की सरकार 50 फीसदी दर कम कर सकती है तो भाजपा लोगों को सहूलियत देने वाले फैसले से क्यों घबरा रही है।
दरअसल, शुरुआत में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बिजली आंदोलन के सहारे अपना जनाधार तैयार किया था।
तो ये है सारा प्लान?
बता दें कि पिछले साल अरविंद केजरीवाल ने बिजली दरों के खिलाफ न सिर्फ अनशन किया था, बल्कि कई बिजली कनेक्शन भी जोड़े थे। साथ ही ‘आप’ की सरकार बनने पर बिजली दरें आधा करने का वादा भी किया था।
विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका फायदा भी मिला। झुग्गी-बस्तियों के साथ अनधिकृत कॉलोनियों में मजबूत पैठ बनने से पार्टी 28 सीटें जीतने में कामयाब रही।
दिल्ली में सरकार बनने के बाद केजरीवाल के शुरुआती कामों में बिजली कंपनियों की सीएजी ऑडिट व दरें आधी करने का फैसला अहम रहा।