आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में अकेले दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है। वहां किसी दूसरे दल से गठबंधन की संभावना नहीं है। पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया का कहना है कि शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के साथ समझौते के लिए बातचीत चल रही थी, लेकिन अब पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ने की योजना पर काम रही है।
दिलचस्प यह है कि अब तक दिल्ली के साथ हरियाणा व पंजाब में भी आप व कांग्रेस के बीच गठबंधन की सियासी चर्चा जोरों पर थी। पिछले दिनों हरियाणा के आप संयोजक नवीन जयहिंद ने किसी भी दल से गठबंधन करने से मना कर दिया था।
अब पंजाब में भी आप एकला चलो की नीति पर काम कर रही है। ऐसे में दिल्ली के अलावा किसी दूसरे राज्य में कांग्रेस से गठबंधन की संभावना खत्म हो गई है। आप पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी की पंजाब यूनिट कांग्रेस के साथ गठबंधन को राजी नहीं थी।
पार्टी का कहना था कि पिछले लोकसभा चुनाव में आप के चार सांसद पंजाब में थे, जबकि विधानसभा में वह मुख्य विपक्षी दल है। ऐसे में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच गठबंधन नहीं हो सकता। दूसरी तरफ, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी समझौते के खिलाफ थे।
पार्टी की शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) से बातचीत भी गठबंधन तक नहीं पहुंची तो आप ने अकेले दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अगर कांग्रेस के साथ आप का गठबंधन होता है तो वह दिल्ली तक ही सीमित होगा। दूसरे राज्यों में पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, दिल्ली के बारे में भी प्रदेश संयोजक गाोपाल राय का कहना है कि आप का ध्यान गठबंधन पर नहीं है। पार्टी दिल्ली में जोरदार ढंग से चुनाव लड़ रही है।