लाभ का पद लेने के एवज में सदस्यता गंवा चुके आम आदमी पार्टी (आप) के 20 विधायकों का वेतन रोक दिया गया है। वहीं, बतौर विधायक मिलने वाली दूसरी सभी सुविधाएं भी रोक दी गई हैं। इसकी जानकारी विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने दी। दिलचस्प यह कि बजट सत्र में भी सत्ता पक्ष की तरफ से 20 सदस्य सदन में मौजूद नहीं रहेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक, चुनाव आयोग से अयोग्य करार दिए गए 20 विधायकों का वेतन रोक दिया गया है। उनका फरवरी महीने का वेतन जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय से दूसरी सुविधाएं भी रोक ली गई हैं। दूसरी तरफ इन पूर्व विधायकों को नाम विधानसभा की समितियों से भी हटा दिया गया है।
बता दें कि वेतन और भत्तों के साथ दिल्ली के एक विधायक को 90,000 रुपये हर महीना मिलता है। वहीं, विधायकों की आयोग के खिलाफ लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला 28 फरवरी को सुरक्षित कर लिया है।