राजधानी में मोहल्ला क्लीनिक के मामले में बुधवार को राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (आप) नेता आमने-सामने दिखे।
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दोपहर बाद उपराज्यपाल से मुलाकात करने गया आप विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल राजनिवास से निकलने को तैयार नहीं दिखा। विधायकों का कहना था कि दिल्लीवालों की सेहत के लिए मोहल्ला क्लीनिक की फाइल को उपराज्यपाल मंजूर करें।
वहीं, उपराज्यपाल का कहना है कि मोहल्ला क्लीनिक से संबंधित कोई भी प्रस्ताव एवं फाइल उपराज्यपाल कार्यालय में लंबित नहीं है।
राजनिवास की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि करीब 43 विधायकों ने राज निवास के सम्मेलन कक्ष पर कब्जा रखा। करीब छह घंटे के गतिरोध के बाद आप विधायक उपराज्यपाल कार्यालय से बाहर निकले।
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आप विधायकों का कहना था कि बृहस्पतिवार शाम पांच बजे उपराज्यपाल की मुख्यमंत्री व अधिकारियों के बीच बैठक होगी। विधायकों ने इसमें मामले का समाधान निकलने की उम्मीद भी जताई।
आप विधायकों ने किया सम्मेलन कक्ष पर कब्जा : राजनिवास
उपराज्यपाल कार्यालय से देर शाम जारी बयान में कहा गया कि आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने चार विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मोहल्ला क्लीनिक के मसले पर उपराज्यपाल से मिलने का समय मांगा था।
मुलाकात का समय दोपहर बाद करीब 2.30 बजे था। लेकिन सौरभ भारद्वाज 45 विधायकों के साथ राजनिवास पहुंच गए। हालांकि, तीन बजे अदालत के काम से उपराज्यपाल को बाहर जाना था।
बावजूद इसके उपराज्यपाल ने सम्मेलन कक्ष में उनसे मुलाकात की। राजनिवास अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में सभी विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र में मोहल्ला क्लीनिक नहीं होने पर चिंता जाहिर की।
उपराज्यपाल ने बार-बार कहा कि मोहल्ला क्लीनिक का प्रस्ताव शिकायतों सहित मुख्यमंत्री के पास 5 जुलाई को भेजा गया था। लेकिन विधायक सुनने को तैयार नहीं थे।
विधायकों का रवैया भी बेहद अशिष्ट एवं असंतोषपूर्ण था। अधिकारियों के मुताबिक, उपराज्यपाल ने बताया कि फिलहाल उनके कार्यालय में इससे जुड़ी कोई फाइल लंबित नहीं है।
राजनिवास की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने भी इस विषय पर कोई ध्यान नहीं दिया। वह बुधवार शाम की साप्ताहिक बैठक में भी शामिल नहीं हुए।
ऐसे में एक संवैधानिक पदाधिकारी के कार्यालय में दबाव बनाकर मामले को निपटाना कानून के मुताबिक उचित तरीका नहीं है। विधायकों के बाहर नहीं निकलने पर राजनिवास का कहना है कि 40 से ज्यादा विधायकों ने राज निवास के सम्मेलन कक्ष पर कब्जा कर रखा है।
वेतन रख लो, लेकिन मोहल्ला क्लीनिक की फाइल मंजूर करो
राजनिवास पर पहुंचे आप विधायक उपराज्यपाल के साथ बैठक खत्म होने के बाद भी बाहर निकलने को तैयार नहीं थे। इस बीच वह सोशल मीडिया पर अपने वीडियो शेयर करते रहे। विधायकों का कहना था कि उनकी सिर्फ इकलौती मांग मोहल्ला क्लीनिक की फाइल का मंजूर करने की है। इसके लिए बेशक विधायकों का वेतन ले लिया जाए। हालांकि, कोई मंत्री राजनिवास नहीं गया था। वहीं, उपराज्यपाल के उस बयान को पार्टी ने गलत बताया है कि जिसमें बुधवार की बैठक में मुख्यमंत्री के शामिल नहीं होने की बात कही गई है।
बैठक खत्म होने के बाद सम्मेलन कक्ष से विधायक सौरभ भरद्वाज ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान उपराज्यपाल ने बताया कि कुछ फाइलें मुख्यमंत्री, मंत्रियों व अधिकारियों के पास रुकी पड़ी हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री से बात हुई।
मुख्यमंत्री का कहना है कि अगर उपराज्यपाल चाहें तो वह सभी अधिकारियों व मंत्रियों को लेकर राजनिवास पहुंच सकते हैं। आमने-सामने बैठक में पूरे मामले को जल्द निपटा लिया जाएगा। करीब तीन घंटे बाद विधायकों ने पुलिस कार्रवाई की आशंका भी जाहिर की।
बैठक में शामिल नहीं होने की बात भ्रामक : सिसोदिया
मुख्यमंत्री के उपराज्यपाल की बैठक में शामिल नहीं होने के उपराज्यपाल कार्यालय के बयान को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भ्रामक बताया। सिसोदिया के मुताबिक, उपराज्यपाल कार्यालय का यह बयान भ्रामक है कि मुख्यमंत्री बैठक में शामिल होने के लिए नहीं गए।
मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा है कि वह मोहल्ला क्लीनिक के लिए किसी भी समय जा सकते हैं। मोहल्ला क्लीनिक दिल्लीवासियों को डेंगू-चिकनगुनिया से बचाने के लिए जरूरी है। केजरीवाल ने कहा कि तथ्य यह है कि उन्होंने फोन पर खुद उपराज्यपाल से गुजारिश की थी कि वह अधिकारियों व मंत्रियों के साथ बैठक में आने का तैयार हैं।
मोहल्ला क्लीनिक पर आप की दलील
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-मई महीने में सिद्धांतत: सहमति के लिए मोहल्ला क्लीनिक की फाइल उपराज्यपाल के पास भेजी गयी थी।
-कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने इसी बीच एक फर्जी शिकायत उपराज्यपाल को दे दी।
-माकन की शिकायत को उपराज्यपाल ने सतर्कता विभाग के पास भेज दिया।
-सतर्कता विभाग फाइल पर पिछले डेढ़ महीने से बैठा हुआ है। निजी तौर पर अधिकारियों का कहना है कि उपराज्यपाल व भाजपा के लोगों ने ऐसा करने को कहा है।
-एक महीने पहले विभाग ने फाइल उपराज्यपाल को भेजी है।
-पिछली बैठक में जब मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल के सामने मोहल्ला क्लीनिक की चर्चा की तो जवाब में उपराज्यपाल ने नए सवालों के साथ फाइल वापस लौटा दी।
अगर एलजी ने फाइल नहीं रोकी होती तो अभी तक दिल्ली में करीब 500 मोहल्ला क्लीनिक होते।
पुराने रंग में केजरीवाल, बोला एलजी पर हमला
मकान देने की योजना से जुड़ी फाइल रोकने का लगाया आरोप
बवाना उपचुनाव का परिणाम आने के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पुराने रंग में नजर आए और उपराज्यपाल अनिल बैजल पर हमला बोला।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल मोहल्ला क्लीनिक और जहां झुग्गी, वहीं मकान दिलाने की दिल्ली सरकार की योजनाओं से जुड़ी फाइलें मंजूर नहीं कर रहे हैं और इन मसलों पर राजनीति कर रहे हैं।
बुधवार को पंजाबी बाग की एक झुग्गी बस्ती में सामुदायिक शौचालय का उद्घाटन करने के बाद केजरीवाल ने बताया कि पिछले दो सालों में दिल्ली में 12000 से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हुआ है।
वहीं, बुधवार को 36 कॉलोनियों में एक साथ 1,200 सामुदायिक शौचालय चालू हो गए, जबकि अगले कुछ महीनों में 7000 अतिरिक्त तैयार होंगे। केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि अप्रैल में पूरी दिल्ली खुले में शौचालय से मुक्त हो जाएगी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार गरीबों के लिए खूब काम रही है। जहां झुग्गी वहीं मकान दिलाने की योजना भी तैयार है। लेकिन इस फाइल को उपराज्यपाल ने रोक रखा है।
अगर वह आज इसे मंजूरी दे दें तो अगले दिन काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही मोहल्ला क्लीनिक की फाइल को भी अटकाने का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने नसीहत दी कि गरीबों को सुविधाओं को देने के मामले में उपराज्यपाल को राजनीति नहीं करनी चाहिए।
इसे पास करने की अपील करते हुए केजरीवाल ने कहा कि इससे गरीबों की दुआ मिलेगी। साथ ही चेतावनी भी दी कि काम न होने पर गरीब बद्दुआ देंगे।
मोहल्ला क्लीनिक पर एक साथ कई ट्वीट
मोहल्ला क्लीनिक के मामले में किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह दिल्लीवालों की सेहत से जुड़ा मसला है। उपराज्यपाल को इसे तत्काल मंजूर करना चाहिए। देरी से दिल्लीवासी परेशान हो रहे हैं।
उपराज्यपाल को सभी अधिकारियों को बुलाना चाहिए। अगर उपराज्यपाल चाहें तो मैं मंत्रियों के साथ राजनिवास आ जाऊंगा। यहां एक टेबल पर बैठकर उपराज्यपाल सारे मसलों को सुलझा लें। यह मेरी उपराज्यपाल से गुजारिश है।-अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री