दिल्ली के मुख्य सचिव से हुई कथित मारपीट के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। देवली से विधायक प्रकाश जारवाल से दिल्ली पुलिस पूछताछ कर रही है। मामले में आप नेता सौरभ भरद्वाज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने यह साजिश रची है। गौरतलब है कि प्रकाश जारवाल देवली से आप (आम आदमी पार्टी) के विधायक हैं।
प्रकाश जारवाल भी सीएम आवास पर हुई उस बैठक में उपस्थित थे, जिसमें मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मारपीट किए जाने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही इस मामले में प्रकाश जारवाल ने भी मुख्य सचिव पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें भड़काए जाने का आरोप लगाया है। बता दें कि दिल्ली पुलिस अंशु प्रकाश की शिकायत पर ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान व अन्यों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। विधायक अमानतुल्लाह खान के निवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस ने मुख्य सचिव की शिकायत पर आपराधिक षड्यंत्र रचकर घर बुलाने, सरकारी काम में बाधा डालने, ड्यूटी के दौरान हमला करने, जान से मारने की धमकी, बंधक बनाने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इससे नाराज आईएएस एसोसिएशन ने एलजी से शिकायत दर्ज करा दोषी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, दिल्ली सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध में कामकाज ठप्प कर दिया है। मुख्य सचिव के साथ मारपीट पर आम आदमी पार्टी सरकार लगातार सफाई दे रही है की जनता को घर-घर राशन पहुंचाने के संबंध में मुख्यमंत्री आवास पर बैठक बुलाई थी।
मुख्य सचिव का कहना है कि...
जनता को बीते दो माह से गलत फैसले को लागू करने से लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा था। मगर मुख्य सचिव का आरोप है की विधायकों ने टीवी में तीन साल के कामकाज को लेकर विज्ञापन को लेकर चर्चा की और मारपीट किया।
सरकार ने अगर राशन को लेकर ही बैठक बुलाई थी तो बैठक में उससे संबंधित मंत्री और अधिकारी क्यो नदारद थे। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा 10 विधायक अजय दत्त, प्रकाश जारवाल, नितिन त्यागी, अमानतुल्लाह खान, मदन लाल, संजीव झा, प्रवीण कुमार, राजेश गुप्ता, ऋतुराज झा और राजेश ऋषि मौजूद थे।
खास बात की इमरान हुसैन जिनके साथ मंगलवार को सचिवालय में मारपीट हुई है वह खाद्य मंत्री होते हुए भी इस अहम बैठक में नहीं थे।